तजाकिस्तान में फंसे रूपनगर के सात युवक 27 अक्तूबर को लौटेंगे ‘वतन’

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रूपनगर के जिलाध्यक्ष अजयवीर लालपुरा के प्रयासों से सुरक्षित वापसी हुई सुनिश्चित

  • अजयवीर ने विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री का आभार जताया
  • रोजगार की तलाश में ठगे युवाओं ने खोली एजेंटों की धोखाधड़ी की परतें

रूपनगर (सच कहूँ न्यूज)। Rupnagar News: तजाकिस्तान में फंसे रूपनगर जिले के सात पंजाबी युवकों की सुरक्षित वतन वापसी की राह अब साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के रूपनगर जिला अध्यक्ष अजयवीर सिंह लालपुरा ने इस दिशा में अहम भूमिका निभाते हुए इन युवकों को 27 अक्टूबर को भारत लौटने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले के गांव बैसां के हरविंदर सिंह, हरदीप सिंह और गुरप्रीत सिंह, रायपुर के अमरजीत सिंह,

ढेर के अवतार सिंह, मोड़ा के रवींद्र सिंह और घनौली के मनजीत सिंह रोजगार की तलाश में एजेंटों के माध्यम से तजाकिस्तान गये थे। वहां उन्हें ड्राइविंग का काम देने का वादा किया गया था, लेकिन वास्तविकता में उन्हें मजदूरी के लिए मजबूर किया गया। जिन गाड़ियों पर उन्हें काम करना था, वे दो वर्षों से कबाड़ हालत में खड़ी थीं। आर्थिक संकट इतना गहरा गया कि वे भोजन तक को तरस गये और परिवारों से संपर्क भी टूट गया।

हरविंदर ने बताई पीड़ा | Rupnagar News

हरविंदर सिंह ने बताया कि वे एजेंटों के भरोसे विदेश गये थे, लेकिन वहां जाकर उन्हें धोखा मिला। जब हालात बिगड़ने लगे, तब उन्होंने फोन के माध्यम से अजयवीर सिंह लालपुरा से संपर्क किया। लालपुरा ने न केवल तत्काल प्रतिक्रिया दी, बल्कि संबंधित अधिकारियों से बात कर युवकों को यह विश्वास दिलाया कि वे सुरक्षित अपने घर लौटेंगे। लालपुरा ने कहा, जब मैंने हरविंदर सिंह से उनकी हालत सुनी, तो मेरा दिल भर आया।

जिन परिवारों के बेटे विदेशों में फंसे हों, उनकी तकलीफ शब्दों में बयान नहीं की जा सकती। मैंने तुरंत अधिकारियों से बात की और इस मामले में पूरा सहयोग दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्रालय का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने मानवीय दृष्टिकोण से तत्काल मदद की।

युवाओं के पलायन पर चिंता

लालपुरा ने सवाल उठाया कि रूपनगर, जो बिजली पैदा करता है और जहां की रेत सोने जितनी कीमती है, वहां के नौजवानों को रोटी के लिए परदेश की राह क्यों देखनी पड़ती है। उन्होंने इसे पंजाब सरकार की असफलता करार देते हुए कहा कि युवाओं को अपना घर छोड़ना पड़ रहा है, यह चिंताजनक है। उन्होंने पंजाब सरकार से आत्ममंथन करने की अपील की और कहा कि रोजगार, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में पिछड़ने से ही नौजवान एजेंटों के झांसे में आ रहे हैं।

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