पंजाब के इस जिले की हो गई बल्ले-बल्ले, सीएम मान किया ये काम

*आप सरकार ने प्रदेश के खेतों तक 21,000 क्यूसिक पानी पहुंचाया है जो दो भाखड़ा नहरों के बराबर है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान*

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सीचेवाल (जालंधर)। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज संत बाबा अवतार सिंह जी की 38वीं सालाना बरसी संबंधी आयोजित समागम के दौरान गांव सीचेवाल में माथा टेका। इस मौके पर एक प्रगतिशील और आत्मनिर्भर पंजाब का सपना देखते हुए भगवंत सिंह मान ने राज्यसभा सदस्य संत बलवीर सिंह सीचेवाल के साथ संत अवतार सिंह मेमोरियल हॉकी स्टेडियम में एक नए एस्ट्रोटर्फ का उद्घाटन किया।

आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से खेल बुनियादी ढांचे, सिंचाई, भूजल रिचार्ज और लोक कल्याण संबंधी किए गए उपायों को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने खेतों तक 21,000 क्यूसिक पानी पहुंचाया है, जो दो भाखड़ा नहरों के बराबर है। पर्यावरण अनुकूल उपायों से 21 लाख क्यूबिक मीटर पानी भूमिगत रिचार्ज करने में मदद मिली है, जिससे कई क्षेत्रों में पानी के स्तर में 2 से 4 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब विश्व स्तरीय सरकारी स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और खेल सुविधाओं के माध्यम से तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि एक जीवंत "रंगला पंजाब" के रंग अब पूरे राज्य में दिखने शुरू हो गए हैं।

इस मौके पर भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहां नफरत और वैर के अलावा सब कुछ उग सकता है। पंजाब महान गुरुओं, संतों और पैगंबरों की पवित्र धरती है, जिन्होंने हमें आपसी प्यार और सहिष्णुता का रास्ता दिखाया है। लोगों के बीच सामाजिक ताने-बाने पहले से ही बहुत मजबूत हैं और इसे और मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “यह सही समय है कि पंजाबी एकजुट होकर फूट डालने वाली ताकतों को उचित जवाब दें जो राज्य की शांति, सद्भावना और भाईचारे की साझेदारी को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। जो लोग भाईचारे की सद्भावना को भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, वे पंजाब के दुश्मन हैं क्योंकि वे राज्य को फिर से अंधेरे में धकेलना चाहते हैं। ये ताकतें सांप्रदायिक झगड़ा पैदा करके सत्ता हासिल करना चाहती हैं, लेकिन उनकी संकीर्ण चालें सफल नहीं होंगी क्योंकि पंजाब के लोग हर मौके पर एकजुट रहते हैं।”

लोगों को एकजुट रहने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “कुछ राजनीतिक पार्टियां धर्म के नाम पर लोगों में फूट डालने की कोशिश कर रही हैं। उनकी राजनीति समुदायों में विभाजन पैदा करने और फिर वोटों के लिए दोनों पक्षों को डराने पर केंद्रित है। लोगों को ऐसी राजनीति से सतर्क रहना चाहिए। ये लोग जाति और धर्म के आधार पर समाज को बांटकर नफरत फैलाते हैं, लेकिन 'आप' ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखती।”

गुरबाणी की तुक "पवणु गुरू पानी पिता माता धरति महतु" का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “महान गुरुओं ने हवा को गुरु, पानी को पिता और धरती को माता का दर्जा दिया था। गुरु साहिब ने आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का सम्मान करने की शिक्षा दी थी, लेकिन बदकिस्मती से मनुष्य प्रकृति को सुरक्षित रखने में असफल रहा है। अब समय आ गया है कि गुरबाणी की शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाया जाए और पर्यावरण बचाने का संकल्प लेकर पंजाब की शान को बहाल किया जाए।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है और लोगों को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर सरकार का साथ देना चाहिए। मैं हमेशा धार्मिक और आध्यात्मिक नेताओं से मिलने के लिए उत्सुक रहता हूं क्योंकि उनका काम कभी भी सांसारिक या सरकारी पदों से संबंधित नहीं होता। वे धार्मिक स्थानों तक जाने वाली सड़कें बनाने, संगत के लिए शेड बनाने, श्रद्धालुओं के लिए लंगर का प्रबंध करने, नहरों और पानी की नालियों की सफाई करने, पर्यावरण की रक्षा करने और मानवता की निस्वार्थ सेवा करने की बात करते हैं। यह बेहद गर्व और संतोष की बात है कि प्रसिद्ध पर्यावरण प्रेमी और राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलवीर सिंह जी सीचेवाल, ‘सीचेवाल मॉडल' के माध्यम से बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं।”

पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “38 साल पहले, यह जगह रेत के टीबों से ढकी हुई थी जहां मूंगफली और छोटी फसलें उगती थी। बाबा जी के प्रयासों से, यह जगह अब हरे-भरे पर्यावरण में बदल गई है। यहां हजारों पेड़ और सैकड़ों किस्मों के पौधे लगाए गए हैं। ये पेड़ पूरे फल और छांव प्रदान करते हैं और लोग नर्सरी से पौधे लेने यहां आते हैं।”

उन्होंने कहा, “प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने के लिए सिर्फ कुछ समर्पित आत्माएं ही प्रयासरत हैं और पंजाब भाग्यशाली है कि संत बाबा बलवीर सिंह जी उनमें से एक हैं। जब भी बाबा जी संसद में बोलते हैं, कोई उन्हें नहीं रोकता क्योंकि हर कोई जानता है कि वे हमेशा समाज, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए बोलते हैं। बहुत कम लोगों को ऐसी बहुमूल्य सेवा करने का मौका मिलता है और बाबा जी ने हमेशा मानवता, ईमानदारी से जीवन जीने, मिलजुलकर रहने और नेकी का संदेश फैलाया है।”

 

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