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ऑपरेशन सिंदूर में 65 फीसदी स्वदेशी हथियारों का हुआ उपयोग 

प्रेस कांफ्रेंस में बोले- डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ राजीव घई

Sarvesh Kumar Picture
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जयपुर ((सच कहूँ/गुरजंट सिंह धालीवाल)। Jaipur News: ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर जयपुर में गुरुवार को भारतीय वायुसेना, नौसेना और थलसेना के सैन्य अभियानों के प्रमुख साउथ वेस्टर्न कमांड में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सैन्य अभियान के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। प्रेस कॉन्फ्रेस में लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला, लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयर मार्शल अवधेश कुमार और वाइस एडमिरल ए एन प्रमोद सहित सेना के कई अधिकारी मौजूद रहे। डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन और डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ राजीव घई ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि ‘आत्मनिर्भर’ केवल एक नारा नहीं है, बल्कि वास्तव में हमारी शक्ति को कई गुना बढ़ाने वाला है।

आज हमारे 65% से अधिक रक्षा उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं। सेना उन्हीं हथियारों का उपयोग कर रही है। ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है, अभी तो शुरुआत है। ऑपरेशन सिंदूर ने यह संदेश दिया कि पाकिस्तान में कोई भी आतंकवादी ठिकाना अब सुरक्षित नहीं है। घई ने कहा-भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ता रहेगा। भारत अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर कदम उठाएगा।

7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 7 लक्ष्यों को भारतीय सेना और 2 को भारतीय वायु सेना ने निशाना बनाया था। पाकिस्तान के 100 से ज्यादा जवानों और टेररिस्ट कैंप में 100 से ज्यादा आतंकियों की मौत हुई है। कड़ी मार खाने के बाद विरोधी पक्ष को समझ आई और उन्होंने संघर्ष विराम की मांग की। जब यह अनुरोध आया, तब हमने कार्रवाई रोकी। हम पीछे हटे, लेकिन हमने कमजोरी नहीं दिखाई। हम अपना संदेश दे चुके थे और वह संदेश बिल्कुल स्पष्ट था कि किसी भी दुस्साहस का जवाब दिया जाएगा और आतंकवादी गतिविधियों की कीमत चुकानी पड़ेगी।

ऑपरेशन के लिए पूरी छूट दी गई थी: एयर मार्शल 

एयर मार्शल अवधेश कुमार भारती ने कहा- पहलगाम हमले में मारे गए हमारे भाई-बहनों को हम वापस नहीं ला सकते, लेकिन यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि ऐसा हमला दोबारा न हो। उन्होंने कहा कि हमारा ऑब्जेक्टिव क्लियर था और ऑपरेशन के लिए पूरी छूट दी गई थी। अवधेश कुमार बोले- हम हमेशा जिओ और जीने दो के सिद्धांत के साथ जीते हैं। जब हमारी शांति की इच्छा को कमजोरी समझ लिया जाए और हमारी चुप्पी को हमारी अनुपस्थिति मान लिया जाए, तो कार्रवाई करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। जब हम कार्रवाई करते हैं, तो उसमें किसी तरह की नरमी की गुंजाइश नहीं होती। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य बिल्कुल स्पष्ट था। सेनाओं को पूरी ऑपरेशन फ्रीडम दी गई थी।

इसमें थल, वायु और नौसेना के तीनों सेवा प्रमुखों के साथ मिलकर हर विकल्प पर विचार किया गया और हर निर्णय को बहुत संतुलित तरीके से लिया गया। अवधेश कुमार बोले- न तो हमारा कोई मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर, न ही सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर का नुकसान हुआ। हमनें सभी हमलों को न्यूट्रलाइज कर दिया था। हालांकि जीत हार्ड फैक्ट्स के साथ मिलती है। तथ्य ये है कि हमने उनके 9 आतंकी ठिकाने नेस्तनाबूद किए। 11 एयर फील्ड तबाह किए और 13 विमान गिराए। इसमें एक एयर वार्निंग विमान भी था, जिसे 300 किमी ज्यादा दूर से मार गिराया गया।

पाकिस्तान को चीन से मिलती है मदद : वाइस एडमिरल 

वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने कहा- अंतरिक्ष संसाधनों, खुफिया जानकारी साझा करने, साइबर सहायता और हथियारों के मामले में पाकिस्तान को चीन से मिलने वाली मदद को हम अपनी सैन्य रणनीति और आकलन का हिस्सा मानते हैं। एएन प्रमोद ने कहा- 6 और 7 मई की रात नौसेना के जवानों ने भी भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना के साथ मिलकर आतंकवादी ढांचे पर सटीक हमलों में भाग लिया, जिसने तीनों सेनाओं के संयुक्त समन्वय को दर्शाया।

जैसे-जैसे अभियान आगे बढ़ा, भारतीय नौसेना की अग्रिम तैनाती ने पाकिस्तान की नौसैनिक और वायु इकाइयों को रक्षात्मक मुद्रा अपनाने (डिफेंसिव) के लिए मजबूर कर दिया। वे अधिकांशतः अपने बंदरगाहों तक सीमित रहे या अपनी तटरेखा के आसपास ही एक्टिव रहे। ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित किया कि भारत उकसावे का जवाब सोच-समझकर, सटीक और संतुलित बल प्रयोग के साथ देने में सक्षम है। इसने दिखाया कि आतंकवादी ढांचे और उन्हें समर्थन देने वाले सैन्यतंत्र को तेजी और प्रभावी ढंग से निशाना बनाया जा सकता है।

स्थापित हो रहा डिफेंस स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन डिवीजन 

लेफ्टिनेंट जनरल जुबिन ए मिनवाला ने कहा कि एयर डिफेंस के क्षेत्र में IACCS और आकाशतीर जैसी प्रणालियों को एकीकृत किया गया, ताकि हवाई स्थिति की एक समग्र तस्वीर मिल सके। इन नेटवर्क्स को ऑपरेशन सिंदूर के बाद और मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि अब जल्द ही डिफेंस स्ट्रैटजिक कम्युनिकेशन डिवीजन स्थापित किया जा रहा है। जो AI के जरिए उपकरणों की मदद से रियल-टाइम में दुष्प्रचार और गलत सूचनाओं का मुकाबला करेगा।Jaipur News

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