आदिवासी क्षेत्रों में केन्द्र की योजनाएं बनी गरीबों की संबल

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जयपुर। राजस्थान के आदिवासी क्षेत्रों में कोरोना वायरस महामारी पर नियंत्रण के लिए जारी लॉक डाउन के दौरान केन्द्र सरकार की योजनाएं गरीबों का संबल बनी है। अधिकारी सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और घोषणाओं के कारण आम लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित होने से बच सके है। आदिवासी क्षेत्रों में जहां विभिन्न सेवाओं की पहुंच काफी मुश्किल होती है वहाँ भी लॉक डाउन के दौरान घरों में राशन,खाद्य सामग्री, दावा और गैस आवश्यक चीजों की दिक्कत ना हो इसके लिए केंद्र सरकार ने समय पर प्रबंध किए।

साथ ही लोगों में विश्वास और संबल बनाए रखने के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री किसान कल्याण सम्मान निधि के अंतर्गत उनके खातों में नगद धनराशि जमा कराने का भी निर्णय लिया। इसी तरह जन धन योजना की महिला खाताधारकों को मिली धनराशि से उन्हें अपना घर चलाने में थोड़ी सुविधा हो गई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना तो वरदान बनकर सामने आई है क्योंकि अगले तीन महीनों तक निःशुल्क गैस सिलेंडर मिलने से लाखों परिवारों को आर्थिक राहत मिली है।

भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रादेशिक लोक संपर्क ब्यूरो, जयपुर द्वारा आम लोगों को लॉक डाउन के दौरान केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सहायता और उनके कल्याण के लिए किए गए राहत उपायों की टेलीफोन कॉलिंग और एस एम एस तथा सोशल मीडिया के जरिए लगातार जानकारी दी जा रही है । इसी दौरान इन योजनाओं के कई लाभान्वितों से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि इन योजनाओं के कारण उन्हें काफी राहत मिली है।

 

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