Hanumangarh: लापता युवती का सुराग नहीं, सर्व हिन्दू समाज ने किया चक्का जाम, पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप

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लव जेहाद व मानव तस्करी की सोची-समझी साजिश की जताई आशंका

Hanumangarh Chakka Jam: हनुमानगढ़। करीब दस दिन से लापता 22 वर्षीय युवती की बरामदगी न होने से नाराज सर्व हिन्दू समाज के नागरिकों ने शुक्रवार को पूर्व घोषणानुसार टाउन में सेंट्रल पार्क के सामने ओवरब्रिज के पास चक्का जाम कर दिया। विश्व हिन्दू परिषद व बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ युवती के परिजन जाम लगाकर सड़क के बीच बैठ गए और टाउन थाना पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इसे लव जेहाद से जुड़ा मामला बताया। चक्का जाम होने से वाहन चालकों व यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सर्वाधिक परेशानी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों को हुई। कई परीक्षार्थी जाम में फंसने के कारण देरी से परीक्षा केन्द्र पर पहुंचे। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं। Hanumangarh News

विश्व हिन्दू परिषद जिलाध्यक्ष निशांत बतरा ने कहा कि गांव चक ज्वालासिंहवाला से एक लड़की पिछले करीब दस दिन से लापता है। उन्हें इस मामले में लव जेहाद व मानव तस्करी की सोची-समझी साजिश की पूरी-पूरी आशंका है। वे नहीं चाहते कि युवती के साथ कोई दुर्घटना हो। सूचना होने के बावजूद पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक आश्वासन ही दिया जा रहा है। पुलिस ने पहले 24 घंटे व बाद में दो दिन का समय मांगा था। पुलिस यह जरूर कह रही है कि उन्हें कुछ इनपुट मिला है। लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आशीष पारीक ने कहा कि इस तरह की यह पहली घटना नहीं। पहले भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं।

पुलिस रही निशाने पर, इनपुट के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं करने का लगाया आरोप

इस मामले में भी पुलिस प्रशासन की बड़ी नाकामी-चूक है। लगातार दस दिन से विहिप व बजरंग दल कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं लेकिन पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी। यह हिन्दू समाज यानि राष्ट्र का मसला है। इस तरह की लव जेहाद की घटनाएं राष्ट्र के नाम पर धब्बा व कलंक हैं। राजस्थान में जब भाजपा की सरकार बेहतर तरीके से काम कर रही है, उस समय प्रशासन की इस तरह की नाकामी से बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि चक्का जाम का निर्णय प्रशासन को चेताने के लिए लिया गया है। क्योंकि बिना दबाव के प्रशासन जागता नहीं। यह मसला बजरंग दल या विश्व हिन्दू परिषद के घर का नहीं बल्कि समाज का है। इसलिए उसे यह निर्णय लेना पड़ा है। समाज के लिए यदि इस तरह का आंदोलनात्मक कदम उठाया जाता है तो जनता को कुछ कष्ट उठाने में समस्या नहीं होनी चाहिए।

यह चक्का जाम प्रशासन की नाकामी के खिलाफ है न कि सरकार के खिलाफ। सरकार का सीधा आदेश है कि लव जेहाद फैलाने वाले, धर्म परिवर्तन करवाने वाले, राष्ट्र को खोखला करने वाली ताकतों के खिलाफ आगे बढ़कर काम किया जाए। लेकिन प्रशासन इसमें कहीं न कहीं चूक रहा है। उसी का नतीजा है कि प्रशासन को इस तरह की चीजें भुगतनी पड़ रही हैं। हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों ने मांग की कि जल्द से जल्द युवती की बरामदगी कर उसे परिजनों के सुपुर्द किया जाए। अन्यथा आंदोलन तेज किया जाएगा। Hanumangarh News

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