शिक्षा और रोजगार
लोकार्पण से पहले ही उखड़ने लगा सतीपुरा ओवरब्रिज, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
करीब आठ साल में बना ओवरब्रिज फिर चर्चा में, रिपेयरिंग शुरू होने पर लोगों ने जांच की मांग उठाई
हनुमानगढ़। करीब आठ वर्षों से निर्माणाधीन रहने के कारण लगातार चर्चा में रहा सतीपुरा ओवरब्रिज एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार वजह निर्माण में हुई कथित अनियमितताएं और गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल हैं। हैरानी की बात यह है कि ओवरब्रिज का अभी तक औपचारिक लोकार्पण भी नहीं हुआ है, लेकिन उससे पहले ही इसकी सड़क की मरम्मत (पेचवर्क) शुरू होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है। Hanumangarh News
नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समाजसेवी विकास झोरड़ ने कहा कि सतीपुरा ओवरब्रिज का निर्माण करीब आठ वर्षों से चल रहा है और अभी भी कुछ कार्य अधूरे हैं। इसके बावजूद लोकार्पण से पहले ही ओवरब्रिज की मरम्मत शुरू होना निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने दावा किया कि निर्माण में सात से आठ एमएम का सरिया उपयोग किया गया, जबकि सामान्य आवासीय निर्माण में भी इससे अधिक क्षमता वाले सरिये का इस्तेमाल किया जाता है। उनका आरोप है कि ओवरब्रिज का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने जल्दबाजी में मरम्मत शुरू करवा दी, जबकि मौके पर ठेकेदार भी मौजूद नहीं था। विकास झोरड़ ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य बारिश के मौसम में भी जारी रखा गया, जिसके कारण सड़क की सतह उखड़ने लगी।
उनका कहना है कि यदि ट्रैफिक शुरू होने से पहले ही सड़क और साइड की दीवारों में दरारें दिखाई देने लगी हैं तो भविष्य में भारी वाहनों के आवागमन के दौरान बड़े हादसों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय निवासी गणेश शर्मा ने बताया कि दो दिन पहले वह देर शाम ओवरब्रिज से गुजर रहे थे। ओवरब्रिज पर अभी तक रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण अंधेरा था और सड़क पर बने गड्ढे में उनकी बाइक फिसलते-फिसलते बची। उन्होंने कहा कि जनता विभिन्न प्रकार के टैक्स देती है, लेकिन इसके बावजूद इस तरह की निर्माण गुणवत्ता लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। Hanumangarh News
उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही को भविष्य में बड़े हादसों का कारण बताया। वहीं नंदू फुलारा ने कहा कि दुनिया के सात अजूबों के बाद अब उन्होंने 'आठवां अजूबाÓ सतीपुरा ओवरब्रिज के रूप में देख लिया है। उनका कहना था कि पहले इस पुल के निर्माण में करीब आठ साल लग गए और अब जब यह लगभग तैयार हो चुका है तो लोकार्पण से पहले ही सड़क उखड़ने लगी और पेचवर्क करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में पीडब्ल्यूडी अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। नागरिकों ने राज्य सरकार से मांग की है कि ओवरब्रिज के निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, निर्माण गुणवत्ता और पूरे कार्य की तकनीकी जांच करवाई जाए तथा यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस दौरान संतोष पूनिया सहित कई जागरूक नागरिक भी मौजूद रहे। Hanumangarh News
