सोशल मीडिया पर जैन महिलाओं की छवि धूमिल करने पर जैन समाज में आक्रोश

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स्त्री की गरिमा के साथ खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त – अनुराग जैन

बड़ौत (सच कहूँ/संदीप दहिया)। Baraut News: जैन समाज में महिलाओं के सम्मान और उनकी छवि को धूमिल करने वाले फर्जी, अश्लील एवं भ्रामक संदेशों के प्रसार से जैन समाज में आक्रोश व्याप्त हो गया है। प्रमुख समाजसेवी अनुराग जैन ने समाज में बढ़ती इस चिंताजनक प्रवृत्ति पर एक पत्र जारी करते हुए गहरी व्यथा व्यक्त की है। पत्र में उन्होने बताया उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर जैन महिलाओं के नाम से जुड़े अशोभनीय संदेश, फर्जी चैट, मॉर्फ्ड वीडियो और अपमानजनक सामग्री तेजी से प्रसारित की जा रही है, जो न केवल जैन समाज बल्कि भारतीय संस्कृति और नारी गरिमा पर सीधा प्रहार है।उन्होंने बताया कि जैन महिलाएँ सदैव मर्यादा, संयम और सादगी का प्रतीक

रही हैं, ऐसे में उनके नाम पर अशोभनीय सामग्री फैलाना एक संगठित दुष्प्रचार प्रतीत होता है। अधिकांश कंटेंट फेक, एडिटेड या वायरलिटी के उद्देश्य से बनाया गया होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे संदेशों को पढ़ना, साझा करना या आगे बढ़ाना अनजाने में अपराधियों का साथ देने जैसा है। अनुराग जैन ने बताया कि महिलाओं के सम्मान का प्रश्न सिर्फ जैन समाज का नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता का है। किसी भी समाज की सभ्यता का स्तर इस बात से आँका जाता है कि वह अपनी महिलाओं को कितना सम्मान देता है। उन्होंने समाज से आह्वान करते हुए कहा कि यह समय मौन रहने का नहीं, बल्कि साहस और एकजुटता के साथ खड़े होने का है। Baraut News

उन्होंने समस्त समाज से फर्जी व अश्लील संदेशों का विरोध और रिपोर्टिंग करने, अपराधियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने,डिजिटल सुरक्षा को लेकर युवाओं व अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने और समाज में सकारात्मक और सम्मानजनक वातावरण तैयार करने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि स्त्री की गरिमा पर चोट करने वालों को किसी भी रूप में सामाजिक या कानूनी छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने समाज के प्रत्येक व्यक्ति से आग्रह किया गया कि जैन महिलाओं की मर्यादा, गरिमा और सम्मान की रक्षा हेतु एकजुट होकर कार्य करें और ऐसी असामाजिक प्रवृत्तियों के अंत हेतु जागरूकता फैलाएँ। Baraut News

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