आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपियों को पांच वर्ष का कारावास

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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(एससी/एसटी विशेष) रेशमा चौधरी ने सुनाया फैसला, दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया

कैराना। (सच कहूँ न्यूज) न्यायालय ने दलित युवती को आत्महत्या के लिए उकसाने के दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान एवं विशेष लोक अभियोजक कमलेश वर्मा ने बताया कि विगत 10/11 अक्टूबर 2018 की रात्रि क्षेत्र के एक गांव निवासी दलित युवती ने घेर में पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली थी। युवती के पिता ने कोतवाली शामली पर सनोज पुत्र सतपाल व जयवीर पुत्र मोहर सिंह निवासीगण ग्राम लांक के खिलाफ अपनी पुत्री को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचक ने मामले की जांच करके आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया।

मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह न्यायालय के समक्ष पेश किए गए। यह मामला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(एससी/एसटी विशेष) रेशमा चौधरी की अदालत में विचाराधीन था। शुक्रवार को विद्वान न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के तर्क-वितर्क सुनने एवं पत्रवालियों का अवलोकन करने के पश्चात आरोपी सनोज व जयवीर को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास व दस-दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। कोर्ट ने अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया है।

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