MSG Bhandara Mahotsav: बरनावा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, 135 जरूरतमंदों को बांटे कंबल
क्लॉथ बैंक मुहिम के तहत 135 जरूरतमंदों को बांटे कंबल, पूज्य गुरु जी ने बताई राम नाम की महिमा, इससे दूर होते हैं गम, दुख-दर्द और जीवन की परेशानियां
बरनावा, सच कहूँ/रकम सिंह। डेरा सच्चा सौदा के संस्थापक पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार माह के उपलक्ष्य में रविवार को उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र शाह सतनाम जी डेरा बरनावा में एमएसजी अवतार महोत्सव भंडारा धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भंडारे में शामिल होने के लिए शनिवार रात से ही साध-संगत का पहुंचना शुरू हो गया था। नामचर्चा सत्संग की समाप्ति तक श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला जारी रहा। साध-संगत भजन-कीर्तन करते हुए सत्संग पंडाल की ओर बढ़ रही थी। इस अवसर पर पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए क्लॉथ बैंक मुहिम के तहत 135 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए गए।
एमएसजी अवतार महोत्सव भंडारा के उपलक्ष्य में आयोजित नामचर्चा सत्संग कार्यक्रम की शुरूआत सुबह 11 बजे 'धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा' का इलाही नारा लगाकर की गई। इसके पश्चात कविराजों ने मधुर कव्वालियों और भजनों के माध्यम से गुरु महिमा का गुणगान किया। इस दौरान उपस्थित साध-संगत ने इलाही नारा लगाकर पूजनीय बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज के पावन अवतार माह की पूज्य गुरु जी को बधाई दी। सत्संग भंडारे की समाप्ति के उपरांत सच्ची लंगर समिति के सेवादार भाई-बहनों ने सेवा भाव से साध-संगत को कुछ ही मिनटों में लंगर भोजन प्रसाद वितरित किया।
कार्यक्रम के दौरान पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने साध-संगत को संबोधित करते हुए फरमाया कि आज शाह मस्ताना जी दाता रहबर का एमएसजी भंडारा मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि साईं जी का जन्म पिता पिल्ला मल जी और माता तुलसा बाई के घर बलूचिस्तान (पाकिस्तान) के कोटड़ा गांव, तहसील गंदेय में हुआ था। उन्होंने कहा कि उस सतगुरु मौला को अरबों-खरबों बार सजदे करते हुए सभी को बहुत-बहुत बधाई और आशीर्वाद, जिन्होंने डेरा सच्चा सौदा बनाया, चलाया और सजाया। आप वचनों पर पक्के रहें और दृढ़ विश्वास बनाए रखें, तो मालिक आपको किसी चीज की कमी नहीं रहने देंगे। पूज्य गुरु जी ने फरमाया कि बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज दाता रहबर, दोनों जहां के मालिक थे। उनका सीधा-सादा बाना और वेशभूषा तथा ऐसी आवाज थी, जिसे खुदा की आवाज का खिताब मिला।
यह कोई छोटी बात नहीं है। बेपरवाह शाह मस्ताना जी महाराज के गुरु बेपरवाह सावण सिंह जी महाराज ने उनके बारे में ऐसे वचन फरमाए थे। बेपरवाह जी भी जब कुछ बोलते या वचन फरमाते, तो उन्हें सुनने वाला हर कोई उनका कायल हो जाता था। उनकी आवाज वास्तव में अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड और खुदा की आवाज थी। उन्होंने आगे फरमाया कि लोगों ने राम-नाम लेकर स्वयं लाभ उठाया। बेपरवाह जी ने वचन फरमाए थे कि दिन-दोगुनी और रात-चौगुनी साध-संगत बढ़ेगी। परम पिता जी ने भी वचन फरमाए कि दिन-दोगुनी, रात-चौगुनी राम-नाम लेने वाले बढ़ेंगे। आज उनके वचन फलीभूत हो रहे हैं। पूज्य गुरु जी ने बताया कि बेपरवाह जी ने ऐसा गुरुमंत्र दिया, जिससे गम, दुख, दर्द, चिंता और परेशानियां पलभर में दूर हो जाती हैं। पूज्य गुरु जी ने आगे फरमाया कि गुरुमंत्र लेने से बड़े से बड़ा नशा छूट जाता है।
नशे के खिलाफ भजनों से किया जागरूक
एमएसजी अवतार महोत्सव भंडारे के दौरान सामाजिक बुराइयों और नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश भी दिया गया। इसके लिए 'मेरे देश की जवानी' और 'आशीर्वाद मांओं का' भजन चलाए गए। इन भजनों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
डॉक्यूमेंट्री के जरिए मानवता भलाई कार्यों के लिए किया प्रेरित
इस अवसर पर डेरा सच्चा सौदा की साध-संगत द्वारा नैचर कैंपेन के तहत देश-विदेश में पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे पौधारोपण अभियान और अन्य मानवता भलाई कार्यों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई। इसके माध्यम से साध-संगत और आमजन को पौधारोपण सहित 176 मानवता भलाई कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। डेरा सच्चा सौदा की ओर से अब तक साध-संगत 35 करोड़ से अधिक पौधे लगा चुकी है। इसके लिए डेरा सच्चा सौदा के नाम तीन गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज हैं।
इसके अलावा 'निस्वार्थ सेवा, हर बेजुबान की पुकार, हमारा सरोकार' के तहत उत्तर प्रदेश के नोएडा की साध-संगत ने 25 अक्टूबर 2026 को 220 क्विंटल से अधिक हरा चारा बेजुबान पशुओं को खिलाया। वहीं 18 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के ब्लॉक पिलखुआ के सेवादारों ने विभिन्न स्थानों पर 297 मिट्टी के सकोरे रखे और उनमें नियमित दाना व पानी डाल रहे है।
साध-संगत की सुविधा के लिए किए व्यापक प्रबंध, भव्य सजावट बनी आकर्षण का केंद्र
भंडारे में पहुंची साध-संगत की सुविधा के लिए डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति और सच्चे नम्र सेवादारों की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए थे, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा का सामना न करना पड़े। ट्रैफिक समिति के सेवादारों ने निर्धारित पार्किंग स्थल पर श्रद्धालुओं के वाहनों को व्यवस्थित ढंग से कतारों में खड़ा करवाया, ताकि सड़क पर आवागमन करने वाले अन्य यात्रियों को परेशानी न हो।
डेकोरेशन समिति के सेवादारों ने रंग-बिरंगे झंडों और आकर्षक लाइटों की लड़ियों से पूरे डेरा परिसर को भव्य रूप से सजाया हुआ था। वहीं, पानी समिति के सेवादारों ने जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था की हुई थी। इस दौरान एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र शाह सतनाम जी डेरा बरनावा का नया स्वरूप और भव्य मुख्य द्वार हर किसी के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
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