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    चिंतनीय: सरकारी स्कूलों में कोरोना से कैसे बचेंगे बच्चे, आक्सीमीटर नहीं कर रहे काम

    सच कहूँ/सुनील वर्मा
    सरसा। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का आॅक्सीजन लेवल जांचने लिए आॅक्सीमीटर भेजे गये हैं। मगर स्कूलों में भेजे गये अधिकतर आक्सीमीटर काम ही नहीं कर रहे हैं। इससे अध्यापक परेशान नजर आ रहे हैं। स्कूलों में हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से पहली से पांचवीं कक्षा के राजकीय स्कूल खोलने को लेकर विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभाग की ओर से जिले के राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों को कोविड से सुरक्षित रखने के लिए 3854 आक्सीमीटर भेजे हैं। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में 17 जुलाई से नौवीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों की पढ़ाई करवाने के लिए खोले गये। इसके बाद 23 जुलाई को छठी से आठवीं कक्षा के लिए स्कूल खोल दिए गये। जिले में 524 प्राइमरी और 120 माध्यमिक स्कूल हैं। पहली से पांचवीं तक करीब 55 हजार से ज्यादा बच्चे हैं।

    थर्मल स्कैनिंग व आॅक्सीमीटर से होनी है जांच

    सरकारी स्कूलों में पहली से पांचवीं तक स्कूल खोलने की तैयारी की जा रही है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए बचाव की तैयारियां की जा रही है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ-साथ आक्सीमीटर से भी जांच की जानी है। स्कूलों में भेजे गये आक्सीमीटर काम ही नहीं कर रहे हैं। इसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों को भी स्कूल इंचार्ज करने लगे हैं।

    जिले में भेजे गये 3854 आॅक्सीमीटर

    जिला में प्रत्येक स्कूल के लिए 3854 आक्सीमीटर स्कूलों में भेजे गये। जिले के माध्यमिक व प्राथमिक स्कूलों में प्रत्येक एक सेक्शन को एक आक्सीमीटर दिया गया। पल्स आक्सीमीटर डिजिटल डिस्पले वाली एक छोटी डिवाइस मशीन होती है। इसे पीपीओ यानी पोर्टेबल प्लस आक्सीमीटर भी कहते हैं। इसमें उंगली डालकर आन करने पर डिवाइस की मदद से जांचने वाले का नब्ज और खून में आक्सीजन लेवल कम-ज्यादा या सामान्य होने का पता चलता है, क्योंकि डिजिटल डिस्पले में इसकी रीडिंग दिख जाती है।

    ‘‘स्कूल में भेजे गये सभी छह आक्सीमीटर काम नहीं कर रहे हैं। इसके बारे में विभाग के उच्च अधिकारियों को भी अवगत करवाया जा रहा है। यह दूसरे स्कूलों में भी शिकायत आ रही है।

    -रमेश कुमार, इंचार्ज, राजकीय मिडिल स्कूल, नाथूसरी कलां।

     

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