Kisan Karj Mafi Yojana: कर्ज में डूबे किसानों को बड़ी राहत, इस तारीख तक किसानों का कर्ज होगा माफ! सरकार ने लिया फैसला

Kisan Karj Mafi Yojana: कर्ज में डूबे किसानों को बड़ी राहत, इस तारीख तक किसानों का कर्ज होगा माफ! सरकार ने लिया फैसला

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Kisan Karj Mafi Yojana: मुम्बई। महाराष्ट्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने कृषि ऋण माफी योजना को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए इसकी समयसीमा तय कर दी है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने घोषणा की है कि सभी पात्र किसानों को 30 जून से पहले ऋण माफी का लाभ प्रदान कर दिया जाएगा। इससे किसानों को आगामी खरीफ सीजन के लिए नए कृषि ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी।

30 जून से पहले मिलेगी ऋण माफी | Kisan Karj Mafi Yojana

खरीफ सीजन की तैयारियों और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए ऋण माफी योजना को तय समय सीमा के भीतर लागू करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि 30 जून से पहले सभी पात्र किसानों को कर्ज माफी का लाभ मिल जाएगा।

सरकार के इस फैसले से उन किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से ऋण माफी के क्रियान्वयन का इंतजार कर रहे थे। इससे नए फसल ऋण लेने का रास्ता भी साफ होगा।

बैंकों को दिए सख्त निर्देश

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीयकृत बैंकों को कृषि ऋण वितरण को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी बैंक अपने निर्धारित कृषि ऋण लक्ष्यों का कम से कम 80 प्रतिशत हासिल करें। सरकार का मानना है कि किसानों तक समय पर ऋण पहुंचाना कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बेहद जरूरी है। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में जिला सहकारी बैंक और ग्रामीण बैंक कुल कृषि ऋण का लगभग 67 प्रतिशत हिस्सा प्रदान कर रहे हैं, जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों की हिस्सेदारी करीब 26 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से कृषि क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाने का आग्रह किया।

फसल ऋण के लिए CIBIL Score जरूरी नहीं

सरकार ने किसानों को राहत देते हुए यह भी स्पष्ट कर दिया है कि फसल ऋण लेने के लिए CIBIL Score अनिवार्य नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी किसान को केवल सिबिल स्कोर के आधार पर फसल ऋण से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी शाखाओं को स्पष्ट सूचना जारी की जाए कि फसल ऋण के लिए सिबिल स्कोर की शर्त लागू नहीं होगी। इससे किसानों को ऋण प्राप्त करने में आने वाली परेशानियां कम होंगी।

RBI ने भी दिया भरोसा

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया और स्पष्ट किया कि फसल ऋण प्रक्रिया में किसानों के सामने कोई अनावश्यक बाधा नहीं आने दी जाएगी। आरबीआई अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसानों को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

क्या होता है CIBIL Score?

सिबिल स्कोर एक तीन अंकों का क्रेडिट स्कोर होता है, जो किसी व्यक्ति की ऋण चुकाने की क्षमता और वित्तीय व्यवहार को दर्शाता है। बैंक और वित्तीय संस्थान आमतौर पर ऋण देने से पहले इस स्कोर का आकलन करते हैं। हालांकि अब फसल ऋण के मामलों में किसानों के लिए इसे अनिवार्य नहीं रखा गया है, जिससे अधिक किसानों को ऋण सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

मौसम को लेकर भी जताई चिंता

मुख्यमंत्री ने राज्य में संभावित कम वर्षा को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार इस वर्ष सामान्य से लगभग 88 प्रतिशत वर्षा होने की संभावना है। वर्षा में कमी के कारण फसलों पर नमी का दबाव बढ़ सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक आकस्मिक योजनाएं तैयार की हैं। जल संरक्षण अभियानों और ‘जलयुक्त शिवार’ जैसी योजनाओं को तेज गति से लागू करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि किसानों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।

किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ

सरकार के इस फैसले से लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। ऋण माफी का लाभ मिलने के बाद किसान नए कृषि ऋण आसानी से प्राप्त कर सकेंगे और खरीफ सीजन की तैयारियां बिना किसी आर्थिक दबाव के कर पाएंगे। साथ ही फसल ऋण के लिए सिबिल स्कोर की अनिवार्यता खत्म होने से भी किसानों को राहत मिलेगी। कुल मिलाकर, राज्य सरकार की यह पहल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और कृषि क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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