अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सस्ता : फिर भी नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम

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नई दिल्ली (एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों मेंं नरमी के बावजूद घरेलू स्तर पर आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार छठवें दिन बदलाव नहीं हुआ। इससे पहले मंगलवार को पेट्रोल 22पैसे और डीजल 23पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था। दिल्ली में मंगलवार कोपेट्रोल प्रति लीटर 22 पैसे कम हो कर 90.56 रुपये प्रति लीटर और डीजल भी 23 पैसे कम हो कर 80.87 रुपये प्रति लीटर पर आ गया था। तेल विपणन करने वाली कंपनी इंडियन आयल कॉपोर्रेशन के अनुसार सोमवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार सिंगापुर में आज कच्चे तेल के भाव में फिर से नरमी देखी गई है लेकिन अभी भी लंदन ब्रेंट क्रूड 64 डॉलर प्रति बैरल के पार बना हुआ है। देश के चार महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमत इस प्रकार है :-

    शहर                    पेट्रोल                   डीजल

  • दिल्ली                 90.56                   80.87
  • मुंबई                   96.98                   87.96
  • चेन्नई                 92.58                   85.88

32 रुपये के पेट्रोल पर 53.51 रुपये का टैक्स

आप जो लगभग 90 रुपये लीटर पेट्रोल खरीद रहे हैं, वह इतना महंगा है नहीं। इंडियन आयल के मुताबिक एक लीटर पेट्रोल की एक्स फैक्ट्री कीमत तो महज 31.82 रुपये ही है। दरअसल, अपने यहां पेट्रोल और डीजल के जरिए केन्द्र और तमाम राज्य सरकारें अपना खजाना भरने का काम करती हैं। इन उत्पादों के जरिए केंद्र और राज्य सरकारों को मोटी कमाई होती है। दिल्ली की ही बात करें तो यहां केन्द्र सरकार 32.90 रुपये का टैक्स वसूल रही है तो राज्य सरकार 20.61 रुपये का। केन्द्र और राज्यों का कुल टैक्स 53.51 रुपये बन जाता है।

डीजल पर भी 43.48 रुपये का टैक्स

पेट्रोल के मुकाबले डीजल महंगा र्इंधन होता है। लकिन इसका उपयोग खेती-बाड़ी के अलावा सामानों की ढुलाई में भी खूब होता है। यदि इस पर ज्यादा टैक्स थोपा गया तो न सिर्फ खेती महंगी हो जाती है बल्कि बाजार में महंगाई बढ़ती है। तब भी यहां करीब 130 फीसदी का टैक्स वसूला जाता है। दिल्ली में प्रति लीटर डीजल का एक्स फैक्ट्री प्राइस 33.46 रुपये है। इस पर केंद्र सरकार का टैक्स 31.80 रुपये है जबकि राज्य सरकार का टैक्स 11.68 रुपये है। इस तरह से कुल टैक्स ही 43.48 रुपये प्रति लीटर बन जाता है।

70% से ज्यादा कच्चा तेल आयातित

अपने यहां पेट्रोल और डीजल की जितनी खपत है, उसके मुकाबले काफी कम कच्चे तेल का उत्पादन हो पाता है। इस समय आयातित तेल पर निर्भरता काफी घटी है, तब भी अपने यहां इस समय करीब 70 फीसदी क्रूड आॅयल विदेशों से आता है। फिर उसे देश में स्थित रिफाइनरी में साफ किया जाता है और उससे पेट्रोल, डीजल, एलपीजी आदि निकाले जाते हैं।

 

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