Share Market Crash: शेयर बाजार में भूचाल! रिलायंस से SBI तक डूबे 3.12 लाख करोड़ रुपये, निवेशकों में मचा हड़कंप

Share Market Crash: शेयर बाजार में भूचाल! रिलायंस से SBI तक डूबे 3.12 लाख करोड़ रुपये, निवेशकों में मचा हड़कंप

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Share Market Crash: नई दिल्ली। बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। सेंसेक्स और निफ्टी में आई भारी बिकवाली के चलते देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से 9 कंपनियों के मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalization) में कुल 3.12 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज पर पड़ा।

रिलायंस को सबसे बड़ा झटका

देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कंपनी का मार्केट कैप अकेले 1,34,445.77 करोड़ रुपये घट गया। इसके बाद टाटा ग्रुप की दिग्गज आईटी कंपनी TCS को भी बड़ा झटका लगा और उसका मार्केट कैप 47,415.04 करोड़ रुपये कम हो गया।

बैंकिंग सेक्टर भी नहीं बचा

शेयर बाजार में आई इस कमजोरी का असर बैंकिंग सेक्टर पर भी साफ देखने को मिला। भारतीय स्टेट बैंक (SBI), HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसी बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप में हजारों करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।

किस कंपनी को कितना नुकसान हुआ?

कंपनी मार्केट कैप में गिरावट कुल मार्केट कैप
रिलायंस इंडस्ट्रीज ₹1,34,445.77 करोड़ ₹18,08,420.81 करोड़
SBI ₹52,245.30 करोड़ ₹8,88,862.32 करोड़
TCS ₹47,415.04 करोड़ ₹8,19,062.65 करोड़
बजाज फाइनेंस ₹27,892.28 करोड़ ₹5,66,717.74 करोड़
HDFC बैंक ₹20,630.01 करोड़ ₹11,82,069.25 करोड़
ICICI बैंक ₹14,290.00 करोड़ ₹8,92,385.39 करोड़
L&T ₹9,078.87 करोड़ ₹5,37,542.34 करोड़
हिंदुस्तान यूनिलीवर ₹3,970.80 करोड़ ₹5,33,592.18 करोड़
LIC ₹2,182.12 करोड़ ₹5,05,367.32 करोड़

आखिर क्यों टूटा शेयर बाजार?

बीते सप्ताह बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे कई घरेलू और वैश्विक कारण रहे। विशेषज्ञों के मुताबिक तीन बड़े फैक्टर्स ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया।

1. पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने दुनियाभर के शेयर बाजारों में डर का माहौल बना दिया। निवेशकों ने जोखिम वाले निवेश से दूरी बनानी शुरू कर दी।

2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी

युद्ध जैसे हालात के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला। भारत तेल आयात पर काफी निर्भर है, इसलिए क्रूड ऑयल महंगा होने से अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है।

3. रुपये में कमजोरी

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से पैसा निकालना शुरू कर दिया। इसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ा।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

पूरे सप्ताह के दौरान सेंसेक्स 2,090.2 अंक यानी 2.7% टूटकर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 532.65 अंकों यानी 2.2% की गिरावट दर्ज की गई।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में निवेशकों को घबराकर फैसले लेने से बचना चाहिए। वैश्विक हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर आगे भी बाजार की नजर बनी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।)

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