Narendra Modi: ''दुनिया की कोई ताकत हमें झुका नहीं सकती''
पोखरण परमाणु परीक्षणों को याद करते हुए पीएम मोदी का बड़ा बयान
Prime Minister Narendra Modi: अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोखरण परमाणु परीक्षणों की वर्षगांठ पर भारत की वैज्ञानिक क्षमता और राजनीतिक दृढ़ता को याद करते हुए कहा कि देश ने कठिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद अपनी रणनीतिक शक्ति का परिचय दिया था। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और किसी भी वैश्विक दबाव के सामने झुकने की नीति नहीं अपनाई। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने वर्ष 1998 के परमाणु परीक्षणों का उल्लेख किया। Narendra Modi
उन्होंने कहा कि उस समय भारत ने दुनिया को अपनी तकनीकी क्षमता, वैज्ञानिक प्रतिभा और आत्मविश्वास का परिचय कराया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि मई 1998 में पोखरण में किए गए परमाणु परीक्षणों ने भारत की वैश्विक पहचान को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों और राजनीतिक नेतृत्व ने अत्यंत गोपनीयता और प्रतिबद्धता के साथ इस मिशन को सफल बनाया। उस समय भारत पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक और कूटनीतिक दबाव भी डाला गया, लेकिन देश ने अपने निर्णय से पीछे हटने से इनकार कर दिया।
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उस दौर में देश ने मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने यह स्पष्ट कर दिया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ‘ऑपरेशन शक्ति’ केवल सैन्य क्षमता का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह आत्मविश्वास, वैज्ञानिक प्रगति और रणनीतिक स्वतंत्रता का संदेश भी था।
उनके अनुसार, इन परमाणु परीक्षणों ने भारत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई और देश की सामरिक स्थिति को मजबूत किया। उन्होंने वैज्ञानिक समुदाय के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारत के शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों ने सीमित संसाधनों में भी असाधारण क्षमता का प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने इसे देश के आत्मगौरव और आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। गौरतलब है कि पोखरण में वर्ष 1974 और फिर 1998 में किए गए परमाणु परीक्षणों को भारत की सामरिक और वैज्ञानिक यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इन परीक्षणों के बाद भारत विश्व के परमाणु संपन्न देशों की प्रमुख श्रेणी में शामिल हो गया था। Narendra Modi