Rajnath Singh Meeting: अनावश्यक खरीदारी से बचें भारतीय: राजनाथ सिंह

पश्चिम एशिया तनाव पर केंद्र सरकार सतर्क, कहा-आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं

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Rajnath Singh Meeting:नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में देश में ईंधन उपलब्धता, ऊर्जा सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। India News

सरकार ने भरोसा दिलाया कि नागरिकों को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस अंतर-मंत्रालयी बैठक में कई केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और बाजार स्थिरता की समीक्षा करना था।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और अन्य आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सरकार ने कहा कि आपूर्ति तंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए संबंधित मंत्रालय और एजेंसियां लगातार समन्वय के साथ कार्य कर रही हैं। अधिकारियों ने बताया कि वैश्विक हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार हैं। India News

साथ ही बंदरगाहों, जहाजरानी और परिवहन व्यवस्था की भी लगातार निगरानी की जा रही है ताकि आपूर्ति श्रृंखला बाधित न हो। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ऊर्जा सुरक्षा और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और अनावश्यक वस्तुओं की खरीदारी न करें। बैठक में यह भी कहा गया कि वैश्विक चुनौतियों के इस दौर में ऊर्जा संरक्षण, जिम्मेदार उपभोग और आत्मनिर्भरता की दिशा में सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं।

सरकार ने इसे राष्ट्रीय हित से जुड़ा विषय बताते हुए संसाधनों के संतुलित उपयोग पर बल दिया। गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति मार्गों पर दबाव बढ़ा है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। भारत भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। India News

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