मम्मी कमल के पीछे रोटी लेकर भाग रही थी। कमल मम्मी को चिढ़ाते हुए दौड़ रहा था। आज दो दिन हो गए थे कमल ने एक भी रोटी नहीं खाई थी। दरअसल कमल को फास्टफूडीया हो गया था। फास्टफूडिया का मतलब कि कमल को बस फास्टफूड ही पसन्द था। वो बाहर की चीजें ही लेता था। घर पर बनी चीजें ना के बराबर ही खाता था।
कमल के मम्मी-पापा उसे समझा-समझाकर थक चुके थे। लेकिन उसके समझ में कुछ भी नहीं आता। वो बस फास्टफूड ही खाता। चाऊमीन, मो-मो, वेजरोल, बर्गर, पिज्जा, गोलगप्पे ये सब कमल को बहुत पसंद थे। ज्यादा फास्टफूड खाने से उसका वजन बहुत बढ़ चुका था। उसके दोस्त उसका मजाक भी उड़ाते थे। कहते कम खाया कर मोटे, एक दिन फट जाएगा। ये सब सुनकर कमल को बहुत बुरा लगता था, लेकिन वो फास्टफूड देखकर खुद को रोक नहीं पाता था।
स्कूल में फास्टफूड ले जाना बिल्कुल मना था। लेकिन कमल कई बार चोरी-छुपे फास्टफूड ले गया। दो बार तो पकड़ा भी गया। उसे जमकर डांट पड़ी। उसकी शिकायत घर पर भी की गई। मम्मी ने उसे घर पर भी जमकर डांटा। इस सबके बावजूद कमल पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।
मम्मी कहती, अरे,बेटा कमल तुम ये बाहर का खाना छोड़ दो। नहीं तो बहुत दिक्कत हो जायेगी। तुम्हारा मोटापा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। मोटापे से कई बीमारियां होने लगती है।
‘मुझे फास्टफूड ही पसंद है मां। ये घर का घास-फूस, सब्जी-रोटी मुझे बिल्कुल भी पसन्द नही है। तुम भी फास्टफूड खाने लगोगी तो ये सब भूल जाओगी।’ कमल उल्टा मम्मी को समझाते हुए कहने लगा।
‘अब तुम मुझे समझाओगे मुझे क्या खाना है।’ मम्मी ने गुस्से में कहा।
‘अरे मम्मी गुस्सा क्यों होती हो। मैं सच कह रहा हूं।’ कमल ने प्यार से कहा।
मुझे नहीं खाना तेरा फास्टफूड। फास्टफूड से बस नुकसान ही हैं। उससे कोई भी फायदा नहीं है। रोटी-सब्जी, दाल-चावल हमारे लिए बहुत पौष्टिक होते हैं। हमें इसका सेवन करना चाहिए। मां ने समझाते हुए कहा।
कमल मम्मी की बातें अनसुनी कर वहां से चला गया।
एक दिन अचानक शाम के समय कमल के पेट में बहुत जोरों का दर्द उठा। वो जोर-जोर से रोने लगा, चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर उसके मम्मी और पापा उसके पास पहुंचे, और उससे पूछा, क्या हो गया है। क्यों चिल्ला रहे हो।
कमल ने पेट दबाते हुए कहा, ‘ मम्मी-पापा मेरे पेट में बहुत जोरों का दर्द हो रहा है।’
मम्मी और पापा दोनों कमल को तुरंत हॉस्पिटल ले गए। डॉक्टर साहब ने कमल को देखा। उसे कुछ दवाइयां दी और वो ठीक हो गया। सर मुझे क्या प्रॉब्लम हुई थी। कमल ने डाक्टर साहब से मासूमियत के साथ पूछा।
तुम्हें एक बड़ी प्रॉब्लम है। तुम्हारे पेट में एक कीड़ा है। जो दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। जिसकी वजह से तुम्हें पेट दर्द हो रहा था। डॉक्टर साहब ने बताया। कैसा कीड़ा। ये पेट में कैसे घुस गया।, कमल ने डरते हुए पूछा।
तुम्हारे पेट के अंदर फास्टफूड का कीड़ा है। जो तुम्हारे हद से ज्यादा फास्टफूड खाने से पैदा हो गया है। ये तभी मरेगा जब तुम ये सब खाना छोड़ दोगे। क्या तुम्हें फास्टफूड के नुकसान के बारे में नहीं पता। डाक्टर साहब ने कहा।
नहीं मुझे अच्छे से नहीं पता। कमल ने कहा।
‘अरे बेटा ज्यादा फास्टफूड खाने से मोटापा बढ़ जाता है। इससे चेहरे पर मुंहासे हो सकते हैं। कोलेस्ट्रोल बढ़ सकता है। हार्ट की बीमारियां हो सकती हैं। दांतों में सड़न पैदा हो सकती है। इससे हमें डायबिटीज जैसी बीमारी भी घेर सकती है। डॉक्टर साहब ने बताया।
ये सुनकर कमल घबरा गया, और बड़बड़ाया, अरे ये इतना नुकसान कर सकता है।
डॉक्टर साहब ने हां में सर हिलाया। कमल ने वहीं पर संकल्प लिया कि वो अब कभी भी फास्टफूड नहीं खायेगा। जल्द से जल्द वो पेट में पल रहे फास्टफूड के कीड़े को मार देगा। कमल की बातों को सुनकर पास में खड़े मम्मी और पापा दोनों मुस्कुरा उठे।
लेखक : ललित शौर्य