एटीएस राजस्थान व भादरा पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन
Fake Aadhaar Centers Exposed: हनुमानगढ़ (सच कहूँ/हरदीप सिंह)। राजस्थान में आंतरिक सुरक्षा और साइबर अपराधों के विरुद्ध अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस एटीएस एवं एजीटीएफ दिनेश एमएन के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है। एटीएस राजस्थान (ATS Rajasthan) की जयपुर यूनिट को मिली गुप्त सूचना के आधार पर एटीएस और हनुमानगढ़ जिले की भादरा पुलिस ने एक संयुक्त टीम बनाकर नगर पालिका के समीप स्थित एक अवैध आधार सेंटर पर छापेमारी कर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। एडीजी एमएन ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई एटीएस के आईजी राजेश सिंह, डीआईजी योगेश यादव के सुपरविजन और एसपी ज्ञानचंद यादव के नेतृत्व में एटीएस टीम की सक्रियता से सफल हो पाई। Hanumangarh News
एटीएस जयपुर के सहायक उपनिरीक्षक कुलवीर सिंह और हेड कांस्टेबल सुरेश कुमार को इनपुट मिला था कि भादरा में आर्य समाज धर्मशाला के पास एक सेंटर पर फर्जी तरीके से आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं, जिसका उपयोग साइबर क्राइम एवं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में किया जा रहा है। स्थानीय पुलिस टीम में भादरा थाना प्रभारी हनुमानाराम के साथ कांस्टेबल देवीलाल, मदन, विकास और अशोक शामिल रहे।
फर्जी अंगूठा-रेटिना से आधार बनाता गिरोह
पुष्टि के बाद एटीएस की इस सूचना पर हनुमानगढ़ जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा के निर्देशन और पुलिस उप अधीक्षक एससी/एसटी सैल और प्रभारी एजीटीएफ करण सिंह के सक्रिय सहयोग से एटीएस की टीम ने स्थानीय भादरा पुलिस की टीम को साथ लेकर सेंटर पर दबिश दी, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। आरोपी कुलदीप शर्मा अन्य व्यक्तियों जसवंत और आमिर खां की आॅपरेटर आईडी का अवैध उपयोग कर रहा था। पुलिस को मौके से लाल और सफेद रंग के रबर पर बने ‘डमी फिंगरप्रिंट’ मिले, जिनका उपयोग लॉगिन के लिए किया जाता था। आरोपी ने कागज पर आंखों की रेटिना की फोटो प्रतियां रखी हुई थीं, जिन्हें आईरिस डिवाइस के सामने रखकर बायोमेट्रिक सिस्टम को चकमा दिया जाता था। एनरोलमेंट रसीदों पर जसवंत और आमिर खां के फर्जी हस्ताक्षर भी आरोपी स्वयं कर रहा था।
राष्ट्र सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा | Hanumangarh News
पुलिस और एटीएस की इस जांच में सामने आया कि इस तरह फर्जी तरीके से बनाए गए आधार कार्ड का उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, फर्जी सिम कार्ड जारी करवाने और साइबर अपराधों के लिए फर्जी बैंक खाते खुलवाने में किया जा सकता था। एटीएस की समय पर दी गई सूचना ने एक बड़ी संभावित साजिश को विफल कर दिया है। पुलिस ने मौके से एक लैपटॉप, प्रिंटर, आईरिस डिवाइस, पाम फिंगरप्रिंट डिवाइस, जीपीएस डिवाइस, फिंगरप्रिंट डाई, कैमरा और आरोपी का मोबाइल जब्त किया है। आरोपी कुलदीप शर्मा के विरुद्ध बीएनएस और आईटी एक्ट की सम्बंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे का अनुसंधान भिरानी थानाधिकारी लखवीर सिंह को सौंपा गया है।
गहन पूछताछ और जांच
गिरफ्तारी के पश्चात आरोपी कुलदीप शर्मा से एटीएस और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में उन लोगों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं जिन्होंने इस फजीर्वाड़े के जरिए आधार कार्ड बनवाए हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह के तार किसी अंतरराज्यीय नेटवर्क या संगठित साइबर अपराधियों से जुड़े हुए हैं। आरोपी के मोबाइल और लैपटॉप के डेटा का फोरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है ताकि पिछले रिकॉर्ड्स खंगाले जा सकें। एसपी ज्ञानचंद यादव के नेतृत्व में की गई इस पूरी कार्रवाई को सफल बनाने में एटीएस जयपुर के एएसआई कुलवीर सिंह और सुरेश कुमार का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पुख्ता सूचना संकलित कर इस राष्ट्रव्यापी सुरक्षा खतरे को उजागर किया। Hanumangarh News















