दादी-नानी के नुस्खों को वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत: हरसिमरत

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नयी दिल्ली। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने आज कहा कि देश के औषधीय उत्पादों और दादी-नानी के घरेलू नुस्खों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की जरूरत है। मंत्रालय के सहयोग से लगाये गये पहले जैविक उत्पाद संयंत्र का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन करने के बाद श्रीमती बादल ने यह बात कही। ऑर्गेनिक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की टी-बैग बनाने वाली यह इकाई उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में लगाई गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह इकाई ‘ब्रांड इंडिया’ को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में मददगार होगी। कोविड-19 महामारी ने प्रकृति की तरफ वापस मुड़ने की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है। भारतीय औषधियाँ और सुगंधित उत्पाद देश की ताकत हैं। हजारों साल से हमारे घरों में दादी-नानी के नुस्खों से बीमारियों का उपचार किया जाता रहा है। इन्हें दुबारा वैश्विक बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि रसायनों और कीटनाशकों का इस्तेमाल ज्यादातर बीमारियों की जड़ हैं। जैविक उत्पादों को अपनाने से इसका हल हो सकता है।

 

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