हमसे जुड़े

Follow us

18.3 C
Chandigarh
Wednesday, February 25, 2026
More
    Home देश Welfare Work&...

    Welfare Work…यहाँ गूंगे भी बोलने लगते हैं, Saint MSG के शुभ आगमन पर बोलने लगा मानसिक विक्षिप्त

    डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों का महान कार्य | Welfare Work

    • 1100 किमी दूर बैठे परिवार के जिगर का टुकड़ा मिलाया | Welfare Work

    संगरिया, (सच कहूँ न्यूज/सुरेन्द्र जग्गा)। Welfare Work अपनों के बिछड़ने का दर्द बहुत तकलीफदेह होता है मंदबुद्धि और गुमशुदा जैसे दर्द देने वाले शब्दों की सच्चाई से किसी का सामना ना हो। किसी अपने का दूर हो जाना वह भी जीवित ही, काफी दर्दनाक होता है मृत्यु तो सब्र दे जाती है पर सांसों के रहते छोड़कर चले जाना असहनीय होता है। बच्चों व अन्य सदस्यों के इंतजार में परिवार के लोगों की सुबह शाम में तब्दील हो जाती है। इंतजार लंबा होता जाता है, आंखें अपनों को तलाशने लगती हैं पर अपने नजर नहीं आते। घर की दहलीज लांघते वक्त खुशी-खुशी जल्दी आने की कहकर जाने वाले जब नहीं लौटते हैं तो जिंदगी प्रश्नवाचक बन जाती है। स्थिति चिंताजनक हो जाती है।

    6 साल से भटक रहा था मानसिक रोगी, सेवादारों ने किया परिजनों के सुपुर्द

    असंख्य लोग भटक कर, रास्ता भूलकर या किसी दुर्घटना का शिकार होकर ऐसे गंतव्य पर पहुंच जाते हैं जहां से घर लौटना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन हो जाता है। जो भी इन हादसों के शिकार होते हैं वे तन-मन पर बहुत कुछ झेलते हैं। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने इनके दर्द को समझा और इंसानियत मुहिम की पहल की जिसके तहत डेरा अनुयाई सड़कों पर मिलने वाले मानसिक रूप से बीमार व्यक्तियों की जिम्मेदारी लेते हैं, उनकी देखभाल करते हैं, इलाज करवाते हैं और उन्हें उनके परिवारों से मिलाते हैं। इसी क्रम में संगरिया ब्लॉक के सेवादारों ने ऐसे ही एक मानसिक रूप से परेशान युवक, जोकि 6 साल से घर से गुम था और दर-बदर की ठोकरें खाने को मजबूर था। उसकी 50 दिन तक नामचर्चा घर संगरिया में सार-संभाल की और उसके परिजनों का पता लगाकर सुरक्षित सौंप दिया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार 3 जून 2023 को रतनपुरा बाईपास पर सेवादार भाई सुरेन्द्र जग्गा इन्सां को एक मानसिक रूप से परेशान लगभग 25 वर्षीय युवक मिला। वह युवक फटे-पुराने कपड़े पहने हुए था और गर्मी से व्याकुल भूखा नजर आ रहा था। भाई ने उसे चाय-पानी पिलाया और उसके बारे में जानकारी मांगी तो वह अपने बारे में कुछ भी बताने में असहाय नजर आया। ऐसे में प्रेमी भाई ने शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के जिम्मेवार भाई लालचंद इन्सां से संपर्क किया और सेवादार भाई रविंद्र खोसा इन्सां के सहयोग से उपरोक्त युवक की सूचना पुलिस थाना में करने के बाद सेवादार भाई उसे संगरिया के नाम चर्चा घर में लेकर आये।

    सेवादार भाई विनोद हांडा इन्सां ने उसकी कटिंग व शेविंग बनाई। उसके बाद उसे नहला-धुलाकर, नए कपड़े पहनाए गए और खाने-पीने का प्रबंध किया गया। इस दौरान उसकी डॉक्टरी जांच भी करवाई गई। लेकिन वह कुछ भी नहीं बोल रहा था। सेवादार भाइयों ने उसकी 50 दिन तक सार-संभाल की। हालत में बहुत सुधार आया और जिस दिन संत एमएसजी का बरनावा आश्रम में शुभ आगमन हुआ, उसी दिन वह बोलने लगा और उसने अपने बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उसका नाम रामेश्वर है और वह मध्य प्रदेश के जिला खरगोन के गांव भगवानपुरा का निवासी है। तो उसके आधार पर सेवादार भाइयों ने उसके परिजनों की तलाश आरंभ की और मध्य प्रदेश के पुलिस थाना में संपर्क किया तो वहां इसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी।

    मध्य प्रदेश से लेने आए परिजन | Welfare Work

    इस प्रकार आगे से आगे कड़ी मिलती गई और कुछ ही समय में इसके परिजनों से बात हो गई रामेश्वर की माता से वीडियो कॉल पर बात करवाई गई। अपने 6 साल से बिछड़े हुए बेटे को देखकर रामेश्वर की मां अपने आंसुओं को नहीं रोक पाई और खुशी के मारे अश्रु धारा बहने लगी। उनके परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। खबर मिलते ही रामेश्वर के परिवार के 5 सदस्य और मध्य प्रदेश पुलिस प्रशासन का एक हवलदार जगदीश कुमार रात्रि को ही गाड़ी किराए पर करवाकर वहां से रवाना हो गए और इस प्रकार 1100 किलोमीटर का सफर तय करते हुए संगरिया के नाम चर्चा घर में पहुंचे और यहां अपने भाई को सुरक्षित देखकर बहुत खुश हुए।

    परिजनों ने पूज्य हजूर महाराज जी के दर्शन करने की इच्छा जाहिर की तो सेवादार भाई मानसिक रूप से परेशान भाई रामेश्वर को परिवार सहित सिरसा आश्रम में लेकर गए और वहां पूज्य हजूर महाराज जी की पावन हजूरी में परिजनों के सुपुर्द किया। रामेश्वर के भाई प्रकाश यादव ने बताया कि उसका भाई रामेश्वर उर्फ गुड्डू 6 साल पूर्व अपने गांव में दर्जी का कार्य करता था और बिल्कुल सही हालत में था। उसकी शादी हुई। शादी के कुछ समय बाद उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई, जिससे उसको सदमा लगा और वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। इस हालत में वह घर से बिना बताए, कहीं चला गया। हमने बहुत जगह तलाश की।

    पुलिस थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करवाई। लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला। हमारी भाई को मिलने की उम्मीदे जवाब देने लगी, लेकिन ऐसे में जब हमें भाई के सकुशल होने का समाचार मिला तो हमारी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा। हम पूज्य हजूर महाराज संत डॉक्टर गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां और सेवादारों के हमेशा आभारी रहेंगे, जिन्होंने हम पर महान उपकार किया है। डेरा सच्चा सौदा द्वारा किए जा रहे मानवता भलाई कार्यों की प्रशंसा करते हुए पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष और पंचायत समिति प्रधान प्रतिनिधि कृष्ण जैन ने कहा कि धन्य है ऐसे सेवादार और धन्य है इनका गुरु जिनकी पावन प्रेरणा से यह ऐसे नेक कार्य कर रहे हैं।

    इस पुनीत कार्य में मुख्य रूप से शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के जिम्मेवार भाई लालचंद इन्सां, रविंद्र खोसा इन्सां, अमरा राम इन्सां, जगजीत इन्सां, सुरेन्द्र जग्गा इन्सां, विजय चुघ इन्सां, महेश गोयल इन्सां, पवन इन्सां जंडवाला, जितेश गोयल इन्सां, 85 मैंबर कृष्ण सोनी इन्सां, निंदी सोनी इन्सां, देवकरण इन्सां, मोनू गोयल इन्सां, ब्लॉक प्रेमी सेवक ओमप्रकाश बुडानिया इन्सां, 15 मेंबर कमेटी सेवादार गुरचरण खोसा इन्सां, सोनू गोयल इन्सां, रॉकी गर्ग इन्सां आदि का सहयोग रहा।

     

    यह भी पढ़ें:– Sirsa Flood: इधर सेवादारों ने बांधे बाँध, उधर ग्राम पंचायतों ने तारीफों के पुल

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here