Words-of-Satguru

मानवता के लिए वरदान सतगुरू जी के पवित्र वचन

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सत्संग की महिमा भक्ति मा...

Ashirwad Campaign: शाह सतनाम जी नगर आशीर्वाद मुहिम के तहत बना मददगार

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जरूरतमंद परिवार की बेटी क...
Motivational

Motivational: संत विनोबा भावे की पहचान

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Motivational: संत विनोबा ...
Acharya Chanakya said

आचार्य चाणक्य ने कहा

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मनुष्य से अधिक कठोर कोई नहीं है, परिस्थितियाँ मनुष्य को अपने अनुकूल बना लिया करती हैं।
King's poor brother

शासन और स्वाद

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शांतिपूर्ण और सुखद वातावरण में हमारा मन शांत रहता है, तब हमें स्वादहीन चीजें भी स्वादिष्ट मालूम पड़ने लगती हैं। लेकिन जब चारों ओर त्राहि,त्राहि मची हो, तब मन अशांत रहता है और स्वादिष्ट चीजों का स्वाद भी पता नहीं चलता।'
Ram Rahim

‘आत्मा, ओम-हरि का एक अंश है, कभी नहीं होती खत्म ’

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बरनावा। वीरवार को पूज्य ग...

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