India US Defence News: इंडो-पैसिफिक में बदलते हालात के बीच भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग को मिली नई गति

हुई भारत-अमेरिका की बड़ी बैठक

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India US Defence News: नई दिल्ली (सच कहूँ/एजेंसी)। भारत और अमेरिका के बीच सैन्य एवं रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई। भारतीय सेना के अनुसार, अमेरिकी सेना के यूएसएआरपीएसी के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल ने 28 सितंबर को भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ से मुलाकात की।

इस दौरान दोनों अधिकारियों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती सुरक्षा परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया। बातचीत में क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े बदलते हालात के साथ-साथ भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को और व्यापक बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। भारतीय सेना ने सोशल मीडिया पर साझा जानकारी में बताया कि दोनों पक्षों ने विभिन्न क्षेत्रों में सैन्य सहयोग के नए अवसर तलाशने पर जोर दिया। दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग को मौजूदा वैश्विक एवं क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।

बैठक में सैन्य प्रशिक्षण और संयुक्त अभ्यासों के जरिए दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, यानी साथ मिलकर प्रभावी ढंग से अभियान चलाने की क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। इस संदर्भ में भारतीय सेना ने भारत-अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘युद्ध अभ्यास’ का उल्लेख किया।

सेना के मुताबिक, युद्ध अभ्यास ने दोनों देशों के सैनिकों के बीच संयुक्त अभियानों में बेहतर तालमेल और सहयोग की क्षमता को प्रदर्शित किया है। इस तरह के अभ्यास दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं को समझने और साझा अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय विकसित करने का अवसर देते हैं।

‘युद्ध अभ्यास’ भारत और अमेरिका के बीच होने वाला प्रमुख द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है। इसके जरिए दोनों सेनाएं संयुक्त अभियान संचालन, आतंकवाद विरोधी परिस्थितियों और विभिन्न सैन्य प्रक्रियाओं में एक-दूसरे के साथ काम करने का अभ्यास करती हैं। अभ्यास के दौरान सैनिकों को विशेष रूप से पहाड़ी और चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में अभियान चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इससे दोनों सेनाओं के बीच व्यावहारिक समन्वय और संयुक्त संचालन क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलती है। भारत और अमेरिका के बीच इस तरह के नियमित सैन्य संपर्क और संयुक्त अभ्यास दोनों देशों के रक्षा संबंधों में निरंतर सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

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