माता-पिता की सेवा से मिलता है अनमोल खजाना, हर बच्चे को पढ़ने चाहिए ये पूज्य गुरू जी के ये वचन

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बरनावा (सच कहूँ न्यूज)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां (Saint Dr. Gurmeet Ram Rahim Singh Ji Insan) ने हार्ट-टू-हार्ट एमएसजी पार्ट-14 में फरमाया कि माँ-बाप ने जरा-सा कुछ कह दिया तो गुस्सा आ जाता है और किसी और परिवार वाले ने कुछ कह दिया तो गुस्सा आना तो नेचुरली है। तो इसको कंट्रोल करो आप। माँ-बाप ने आपको जन्म दिया है, उनकी बात को इतना बुरा मत माना करो, बुरी मत मनाया करो। क्योंकि आप एक उदाहरण के तौर पर बच्चों ध्यान से सुनना, एक र्इंट ले लो, वो तीन किलो की होगी, ढाई किलो की होगी, चार किलो की, जितनी भी क्या आप उसको पेट पर बांधकर तीन-चार दिन सो सकते हो? नहीं सो सकते ना, क्योंकि करवट बदलोगे, ऐसे करोगे और र्इंट दर्द करेगी। नहीं सो सकते। जरा सोचो माँ ने नौ महीने गर्भ में रखा है, अगर नौ महीने गर्भ में रखती है, वो थोड़ा-सा भी आपको टोक देती है तो आप इतना बुरा कैसे मनाते हैं? आप तीन दिन तक एक र्इंट नहीं रख पाए और उन्होंने आपको नौ महीने गर्भ में रखा है, इतना तो उनका हक बनता है, इतना तो कर्तव्य बनता है। बाप ने आपको रास्ता दिखाया, जिन्दगी जीने की कला सिखाई, पढ़ाई में लगाया, आप जाना भी नहीं चाहया करते थे तो उन्होंने सिखाया, कि नहीं बेटा जरूर जाना है। किसलिए? ताकि आने वाला समय, आने वाली आपकी जिंदगी बहुत ही अच्छी हो।

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