नेपाल में अप्रैल और मई में क्यों होंगे मध्यावधि चुनाव

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काठमांडू (एजेंसी)। नेपाल में दो चरणों में अप्रैल और मई में मध्यावधि चुनाव कराने का फैसला कर लिया गया है। नेपाल के 40 जिलों में 30 अप्रैल को शेष 37 जिलों में 10 मई को मध्यावधि चुनाव होंगे। कैबिनेट ने एक विज्ञप्ति में मंगलवार को यह जानकारी दी। मध्यावधि चुनाव कराये जाने का निर्णय सोमवार को मंत्रिपरिषद की एक बैठक में तय किया गया। हिमालयन टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कैबिनेट ने पहले चरण में प्रोविंस-2, गंडकी, लुम्बनी और कार्नली प्रांतों के 40 जिलों में पहले चरण में 30 अप्रैल को चुनाव कराने का फैसला किया है। दूसरे चरण में प्रोविंस-1, बामती और सुदूरपश्चिम प्रांतों के 37 जिलों में 10 मई को चुनाव कराये जाएंगे।

क्या है पूरा मामला:-

पिछले वर्ष दिसंबर में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सिफारिश पर राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने संसद भंग करने को मंजूरी दी थी जिसके बाद मध्यावधि चुनाव कराने का निर्णय लिया गया। संसद भंग किये जाने के बाद नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) भी दो गुटों में विभाजित हो गई। एक गुट का नेतृत्व खुद प्रधानमंत्री ओली और दूसरे गुट का नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल और माधव कुमार नेपाल कर रहे हैं।

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