Donut Rocks: मंगल पर अमंगल की आशंका से वैज्ञानिक हैरान!

Published On

Donut rocks: ह्यूस्टन। मंगल ग्रह (Planet Mars) पर एक विचित्र पत्थर (Donut rocks) देखकर नासा (NASA) के वैज्ञानिक हैरान हैं। यह पत्थर डोनट के आकार का विचित्र पत्थर है। वैज्ञानिक भी ये सोचकर हैरान हैं कि ये पत्थर बीच में गोलाकार आकार का कैसे काटा गया है और आया कहां से है। नासा ने इस चट्टान को देखकर कहा कि इस चट्टान के आस पास कई और छोटे-छोटे पत्थर हैं, जिसे देख कर लगता है कि ये एक तरह का उल्कापिंड  भी हो सकता है। Donut Rocks

इसको लेकर मंगल ग्रह पर इंसान लगातार खोज कर रहे हैं। पृथ्वी के वैज्ञानिक ये भी अनुमान लगा रहे हैं कि वे मंगल ग्रह पर इंसानों को बसा सकते हैं। लेकिन हाल ही में मंगल ग्रह पर ऐसा पत्थर देखकर उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। क्योंकि मंगल पर ऐसा पत्थर मिला है जिसे देख सभी इंसान आश्चर्यचकित हैं। दरअसल, इस पत्थर की आकृति बच्चों की उस मनपसंद चीज से मिलती है जो इंसानों द्वारा भी बेहद पसंद किया जाता है। भारत के बड़े शहरों समेत दुनिया भर में लोग इस चीज के दीवाने हैं। बच्चों में तो इस चीज का इतना क्रेच है कि उन्हें हर रोज ये खाना होता है। आपको बता दें कि हम जिस चीज की बात कर रहे हैं, वो डोनट है। मंगल ग्रह पर जो पत्थर मिला है वो बिल्कुल डोनट के आकार का है। Donut Rocks

नासा के अनुसार नासा का एक प्रिसर्वेंस रोवर इस वक्त मंगल ग्रह पर घूम रहा है और वहां की तस्वीरें पृथ्वी तक पहुंचा रहा है। उसी रोवर ने हाल ही में एक ऐसी तस्वीर खींची जिसकी चर्चा दुनियाभर में है। ये तस्वीर मंगल ग्रह पर पड़े एक पत्थर जैसी है। ये पत्थर बिल्कुल एक डोनट के आकार का है। दिखने में थोड़ा गोल और इसके बीच में बना सुराख इस पत्थर को हुबहू एक डोनट की शक्ल देता है, जो अमेरिका समेत पूरे यूरोप में लोकप्रिय है। इस तस्वीर को रिमोट माइक्रोस्कोपिक इमेजर की मदद से लिया गया है। वहीं तस्वीर को खींचते वक्त रोवर इस पत्थर से करीब 100 मीटर की दूरी पर था। नासा के अनुसार ये तस्वीर 22 जून 2023 को ली गई थी।

नासा ने इस तस्वीर को लेकर क्या कहा? Donut Rocks

नासा ने इस चट्टान को देखकर यह कहा कि यह चट्टान जहां है, उसके आस पास कई और छोटे छोटे पत्थर हैं, नासा ये अनुमान लगा रहा है कि ये एक तरह का उल्कापिंड है, जिसे देखकर नासा का कहना है कि ये चट्टान मंगल ग्रह का नहीं बल्कि किसी और ग्रह का है जो उल्कापिंड के रूप में मंगल ग्रह पर गिरा है। दरअसल, इससे पहले भी मंगल ग्रह पर कई इस तरह के चट्टान पाए गए थे, जो बाद में उल्कापिंड निकले। ये पत्थर इतने वर्षों तक इसलिए संरक्षित हैं क्योंकि मंगलग्रह पर वर्षा बेहद कम होती है। फिलहाल वैज्ञानिक इसके नमूने इकट्ठा करने में जुटे हैं और इससे वो ये तस्दीक करना चाहते हैं कि क्या कभी मंगल ग्रह पर जीवन मौजूद था।

About The Author

Related Posts