Balochistan Blast: बलूचिस्तान में आईईडी ब्लास्ट से रेलवे ट्रैक के उड़े परखच्चे

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Balochistan Railway tracks destroyed: क्वेटा। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर रेलवे सुरक्षा को निशाना बनाया गया है। डेरा मुराद जमाली के समीप मुख्य रेलवे ट्रैक पर लगाए गए एक आईईडी में जोरदार विस्फोट हुआ, जिससे पटरी का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों ने एक अन्य विस्फोटक उपकरण को समय रहते निष्क्रिय कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। Balochistan Blast

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह विस्फोट नसीराबाद जिले के नोटाल क्षेत्र के पास रेलवे लाइन पर हुआ। बताया गया कि मंगलवार को पेशावर से क्वेटा की ओर जा रही जफ्फार एक्सप्रेस कुछ ही देर में उस स्थान से गुजरने वाली थी, लेकिन ट्रेन के पहुंचने से पहले ही धमाका हो गया। विस्फोट के कारण रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचा, जिसके चलते रेल यातायात तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया।

रेलवे प्रशासन ने एहतियातन जफ्फार एक्सप्रेस को डेरा मुराद जमाली स्टेशन पर ही रोक दिया। साथ ही ट्रैक की मरम्मत पूरी होने तक क्वेटा और आसपास के क्षेत्रों के बीच ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, बम निरोधक दस्ता और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं और संदिग्धों की तलाश में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। Balochistan Blast

बलूचिस्तान में रेलवे ट्रैक की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं

उल्लेखनीय है कि बलूचिस्तान में रेलवे ट्रैक को निशाना बनाए जाने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। नवंबर माह में बोलन दर्रे के पास जफ्फार एक्सप्रेस पर हथियारबंद हमलावरों ने फायरिंग की थी। उस समय ट्रेन क्वेटा से पेशावर जा रही थी और आब-ए-गम क्षेत्र के पास उस पर हमला किया गया था। जवाबी कार्रवाई के बाद हमलावर फरार हो गए थे और किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली थी।

इससे पहले 7 अक्टूबर को सिंध के शिकारपुर जिले में जफ्फार एक्सप्रेस के मार्ग पर हुए विस्फोट में कम से कम सात लोग घायल हो गए थे। उस धमाके में सुल्तान कोट रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर पटरी को नुकसान पहुंचा था। इसके अलावा, इसी वर्ष की शुरुआत में क्वेटा से पेशावर जा रही जफ्फार एक्सप्रेस को बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) की मजीद ब्रिगेड द्वारा हाईजैक किए जाने की घटना भी सामने आई थी, जिसमें 400 से अधिक यात्रियों को बंधक बनाया गया था। 11 मार्च को बोलन दर्रे के धाबर क्षेत्र में पटरी उड़ाए जाने के बाद ट्रेन को रोकना पड़ा था। Balochistan Blast

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