पंजाब में लक्ष्य तक नहीं पहुंची धान की सीधी बिजाई, चार विभागों के कर्मचारी भी लगाए
पंजाब में केवल 2,12,015 एकड़ में ही किसानों ने की धान की सीधी बिजाई
पटियाला(सच कहूँ/खुशवीर सिंह तूर)। पंजाब सरकार द्वारा बड़े स्तर पर प्रचार करने के बाद भी राज्य में इस बार धान की सीधी बिजाई ओंधे मूंह गिरी है। पंजाब में इस बार 212015 एकड़ ही धान की सीधी बिजाई हुई है। जबकि कृषि विभाग द्वारा लक्ष्य 12 लाख हैकटेयर रकबे का रखा गया था। यहीं बस नहीं सीधी बिजाई के लिए कृषि विभाग के साथ तीन और विभागों के कर्मचारी भी लगाए गए थे, लेकिन फिर भी नतीजे उत्साहपूर्वक नहीं रहे। एकत्रित किए विवरणों मुताबिक पंजाब में इस बार धान की सीधी बिजाई संबंधी सरकार द्वारा बड़े स्तर पर प्रचार किया गया था। इस प्रचार के बावजूद भी पंजाब में पिछले सालों से धान की सीधी बिजाई नीचे रकबा बढ़ने की जगह काफी कम हुआ है। कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजाब में सीधी बिजाई का रकबा 2 लाख 12015 एकड़ रजिस्टर हुआ है।
कृषि विभाग द्वारा इस बार अपन लक्ष्य पिछले साल 6 लाख हैकटेयर रकबे की जगह 12 लाख हैक्टेयर रखा गया था, लेकिन विभाग इस रकबे पर पहुंचने की जगह अपने पिछले लक्ष्य से नीचे खिसक गया है। वैसे विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि पहले सैंसर विधी द्वारा ही रकबे की जानकारी एकत्रित होती थी, लेकिन इस बार आॅनलाईन पोर्टल पर किसान का नाम सहित कितने एकड़ में सीधी बिजाई की गई है, सारा रिकॉर्ड एकत्रित हुआ है। फाजिल्का जिले के किसानों द्वारा सबसे अधिक धान की सीधी बिजाई की गई है जबकि मुक्तसर और बठिंडा जिले के किसानों की गिनती भी अच्छी रही है। सीएम के जिला संगरूर और पटियाला के किसानों द्वारा इन जिलों के मुकाबले बहुत अधिक उत्साह नहीं दिखाया गया।
पटियाला में सीधी बिजाई नीचे 6475 एकड़ रकबा ही आया है। कृषि विभाग द्वारा पोर्टल पर दर्ज हुए रकबे को वैरीफाई किया जा रहा है और इसके बाद इन किसानों को 1500 पर एकड़ सरकार द्वारा वित्तीय सहायता देने का ऐलान भी किया गया है। इस बार सीधी बिजाई नीचे रकबा बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कृषि विभाग के साथ ही मंडी बोर्ड, बागबानी विभाग और भूमि रक्षा विभाग के मुलाजम भी लगाए गए हैं और इन विभागों के 3 से 4 हजार के करीब कर्मचारी गांवों में किसानों को सीधी बिजाई के लिए जागरूक करने के लिए भी पहुंचे थे।
हम लक्ष्य से संतुष्ट हैं : डॉयरैक्टर
कृषि विभाग पंजाब के डायरैक्टर गुरविन्दर सिंह खालसा का कहना है कि इस बार जो किसान पोर्टल पर रजिस्टर हुए हैं, यह आंकड़ा उनके पास आ गया है। अगली बार उन्होंने कहा कि किसानों को साीधी बिजाई के लिए पूरा जोर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार और कृषिअ विभाग भूमिगत पानी बचाने के लिए पूरी तरह दृढ़ है। उन्होंने कहा कि भले ही लक्ष्य बड़ा तय किया गया था, लेकिन पर इस बार जिस लक्ष्य पर हम पहुंचे हैं, उससे हम संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि रजिस्टर्ड किसानों को वैरीफाई किया जा रहा है और इसके बाद किसानों को बनती रकम जारी कर दी जाएगी।
पोर्टल पर रजिस्टर हुए किसानों की गिनती-
जिला किसानों की गिनती
- अमृतसर 1383
- बरनाला 858
- बठिंडा 4219
- फरीदकोट 1411
- फतेहगड़्ह साहब 237
- फाजिलका 6602
- फिरोजपुर 1761
- गुरदासपुर 1920
- हुस्यारपुर 619
- जालंधर 643
- कपूरथला 365
- लुधियाना 1264
- मानसा 2739
- मोगा 858
- पठानकोट 210
- पट्याला 1255
- रोपड़ 248
- संगरूर 1987
- एसएएस नगर 569
- एसबीएस नगर 337
- श्री मुक्तसर साहब 5391
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