लिंगानुपात में जिला कैथल प्रदेश में दूसरे स्थान पर

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2020 में अब तक लिंगानुपात 942 दर्ज

सच कहूँ/विकास कुमार कैथल। सिविल सर्जन जयभगवान जाटान ने कहा कि जिला में लिंगानुपात में काफी सुधार हुआ और 2020 में अब तक लड़का-लड़की का लिंगानुपात 942 दर्ज किया गया है, जोकि जिला कैथल प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि गत 2016 से लगातार लिंगानुपात की स्थिति में अच्छा सुधार हो रहा है। सिविल सर्जन जयभगवान जाटान पीएनडीटी जिला एडवाईजरी कमेटी की बैठक के दौरान जानकारी दे रहे थे।

उन्होंने कहा कि जिला कैथल में लिंगानुपात में सुधार हुआ है और यह 2016 से लगातार चल रहा है। गत 2016 में लिंगानुपात 884, वर्ष 2017 में 900, वर्ष 2018 में 916, वर्ष 2019 में 919 तथा अब तक 2020 में 942 लिंगानुपात दर्ज किया गया है। यह लिंगानुपात प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। पहले स्थान पर जिला फतेहाबाद है, जिसका लिंगानुपात 948 है। उन्होंने कहा कि लिंगानुपात में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा अल्ट्रासाउंड की जांच की जा रही है। एमटीपी सैंटरों को भी चैक किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लिंग जांच करवाने वालों पर छोपमारी भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण जांच अथवा कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने वाले व्यक्ति को सरकार द्वारा एक लाख रुपये का नगद ईनाम दिया जाता है। ईनाम देने के साथ-साथ ऐसे व्यक्ति का नाम व पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है। इस मौके पर डॉ. रेनू चावला, डॉ. संजीव गोयल, डॉ. अनिल अग्रवाल, एडीए रवि, राम प्रसाद बंसल, डॉ. राजीव मित्तल, सीमा सिंगला, राजेश कुमार मौजूद रहे।

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