पहले मौसम की मार, अब डीएपी की दरकार

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खाद केंद्रों के बाहर किसानों की लगी लंबी लाइनें

सच कहूँ/सुभाष, ऐलनाबाद। पहले ही मौसम की मार झेल रहे किसानों को डीएपी खाद की चिता सताने लगी है। आलम ये है कि डीएपी खाद लेने के लिए किसान अल सुबह ही लाइन में लग रहे है। परंतु उसके बावजूद भी उन्हें डीएपी खाद नसीब नहीं हो रहा है। वहीं विभाग की ओर से भी व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं, परंतु वो सफल होते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। शहर में प्राइवेट दुकानों पर डीएपी खाद का स्टाक न होना सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि पुलिस की देखरेख में डीएपी वितरित किया जा रहा है। खाद केंद्रों के बाहर लंबी लाइनें देखने को मिल रही है। जिस किसान को डीएपी मिला वह स्वयं को भाग्यशाली समझ रहा था। किसान गुरपाल सिंह, गुरिंदर सिंह, सुरजीत सिंह,आत्माराम झोरड़, सुरेंद्र सिद्धू व प्रकाश सिहाग का कहना है कि बिजाई का समय चल रहा है। सरकार को डीएपी खाद का कोटा पहले पूरा करना चाहिए था ताकि आज किसानों को लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होकर खाद लेने की नौबत ना आती। सरकार की गलत नीतियों के कारण ऐसा हर वक्त होता है।

पहले दिया धरना फिर सौंपा ज्ञापन

किसानों को डीएपी न मिलने के कारण भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने पहले तो मार्केट कमेटी के गेट के सम्मुख दीया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद उप मंडल अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और खाद की पूर्ति ना होने की सूरत में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी।

क्या कहते हैं कृषि विभाग के एसडीओ

कृषि विभाग के एसडीओ डॉक्टर सतवीर से जब बात की गई तब उन्होंने बताया कि वीरवार को ऐलनाबाद में 5400 डीएपी के गट्टे वितरित किए गए थे। डीएपी की कमी चल रही है जिसको लेकर तमाम हरियाणा में किसान धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अब15 तारीख तक डीएपी आने की संभावना है।

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