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Humanity : कलक्टर के कहने पर सौंप दिया हॉस्पिटल
नोहर निवासी करोड़पति हॉस्पिटल संचालक का महादान
(Lords Hospital)
नोहर (सच कहूँ न्यूज)। कोरोना महामारी से जनमानस को बचाने के लिए खाना बांटने, दान करने के बारे में तो खूब सुना होगा। अलवर में एक निजी अस्पताल के मालिक ने कलेक्टर के कहते ही अपना निजी हॉस्पिटल कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए प्रशासन को सौंप दिया। इससे भी कहीं बढ़कर बात यह है कि करोड़पति मालिक खुद ही अस्पताल की साफ-सफाई में जुट गए, ताकि जल्दी से जल्दी काम पूरा हो सके। अब इसी अस्पताल में जिले भर के कोरोना के मरीजों का इलाज होगा।
आगामी एक-दो दिन में यहां मरीजों को भर्ती किए जाने की तैयारी है। मनोज चाचान अलवर के चिकानी रोड स्थित लॉर्ड्स हॉस्पिटल के मालिक हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने अपना हॉस्पिटल अलवर प्रशासन को सौंपा है। अब यह अलवर का कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल हो गया है। मुख्य रूप से कोरोना के मरीजों को यहीं इलाज मिलेगा प्रशासन को अस्पताल सौंपने से पहले खुद मनोज चाचान इसकी साफ-सफाई में लग गए। वे बिल्डर भी हैं। यूनिवर्सिटी व कॉलेज भी चलाते हैं।
करीब एक घंटे तक सफाई :
हॉस्पिटल के सफाईकर्मियों ने बताया कि मनोज चाचान ने सफाई के काम की गति धीमी देखी तो खुद ही वाइपर-बाल्टी उठा ली। पहले बरामदे को साफ किया। इसके बाद शौचालय की सफाई में जुट गए। फिर वार्डों में सफाई की। उन्हें देखकर सफाईकर्मी भी जोर-शोर से जुट गए। जैसे ही मनोज चाचाण ने वाइपर उठाया और सफाई की शुरूआत की तो सफाईकर्मी बोल पड़े- अरे साब। आप सफाई करेंगे। तब भी चाचान यही कहते रहे कि यह हम सबका हॉस्पिटल है। सब मिलकर सफाई करेंगे तो क्या बुरा है। जल्दी सफाई हो जाएगी। यहां आने वाले कोरोना के मरीजों को अच्छा माहौल मिलेगा। वे जल्दी ठीक होंगे। वेंटिलेशन और हवा मिलेगी तो कोरोना संक्रमण कम फैलेगा। तभी हम इस महामारी से निजात पा सकेंगे।
पहले भी किया था एक्वायर :
इस अस्पताल को प्रशासन ने कोरोना की पहली लहर में भी एक्वायर किया था। उस समय भी मनोज चाचान ने कलेक्टर के कहने के तुरंत बाद इसे अस्पताल प्रशासन को सौंप दिया था। चाचाण का कहना है कि यहां आने वाले मरीजों की सेवा करने के लिए उनके अस्पताल के भी एक-दो सदस्य रहेंगे। नि:शुल्क सेवा पहले भी की है, आगे भी करते रहेंगे।