मोहित ने (रोड़ पल्स) के नाम से बनाया सॉफ्टवेयर, सड़क दुर्घटनाएं रोकने में होगा मददगार

Published On

भिवानी के मोहित ने गूगल में बनाई जगह

(Road Pulse Software)

भिवानी (सच कहूँ/इन्द्रवेश)। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी बीटेक द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी भिवानी निवासी मोहित ने गूगल में नौकरी प्राप्त की है। मोहित ने कार एक्सीडेंट को लेकर रोड पल्स नाम से एक सॉफ्टवेयर भी बनाया है, जिसमें यदि कोई व्यक्ति शराब पीकर गाड़ी चलाता है तो गाड़ी स्टार्ट नहीं होगी। इसके अतिरिक्त यदि सीट बेल्ट में नहीं लगाता है तो भी गाड़ी स्टार्ट नहीं होगी।

अगर आप जान-बूझकर भी एक्सीडेंट करना चाहोगे, तब भी नहीं होंगे

मोहित ने अपने दिल की सुनी और आज अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक जाना पहचाना नाम है। इनकी कहानी भारत के एजुकेशन सिस्टम पर सवाल खड़ा करती है कि क्या बस्ते के बढ़ते बोझ और क्लास में फर्स्ट आने की गला काट प्रतियोगिता से ही शोहरत और ज्ञान हासिल किया जा सकता है। (Road Pulse Software) पंजाब के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे भिवानी के युवा मोहित ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जिससे कभी भी दुर्घटनाएं नहीं होंगी और अगर आप जान-बूझकर भी एक्सीडेंट करना चाहोगे, तब भी नहीं होंगे। इस सॉफ्टवेयर की खासियत ये है कि अगर आप सीट बेल्ट नहीं लगाते हो तो आपकी कार स्टार्ट ही नहीं होगी, शराब पीकर वाहन चलाना सड़क पर दुर्घटनाओं और मौतों का एक प्रमुख कारण है।

गूगल मैप को मशीन लर्निंग के साथ जोड़ा गया है

इसको रोकने के लिए मोहित ने ऐसी टेक्नोलॉजी बनाई है, जिससे आप कार में बैठते ही कार खुद-ब-खुद बता देगी कि आपने अल्कोहल पी हुई है या नहीं। यू-टर्न और दाए-बाए लेने के लिए इंडिकेटर का उपयोग नहीं करते, जिससे गाड़ियां आपस में टकरा जाती हैं, जिससे कई लोगों की जान भी चली जाती है, इसके रोकने के लिए मोहित ने अपने सॉफ्टवेयर में एक ऐसा फीचर लगाया है, जिससे गाड़ी खुद-ब-खुद 50 मीटर डिस्टेंस पहले इंडिकेटर देना स्टार्ट कर देगी। इसमें गूगल मैप को मशीन लर्निंग के साथ जोड़ा गया है।

  • इस सॉफ्टवेयर के लाभ दुर्घटनाओं की संख्या कम हो जाएगी।
  • आप अपने आस-पास के अन्य वाहनों का पता लगा सकते हैं।
  • चालक स्थिति के अनुसार गति को नियंत्रित कर सकता है।

54 घंटों में ऐप तैयार कर दूसरा स्थान हासिल करने पर 30 लाख का फंड भी जीत चुके है

अपने हूनर की बदौलत कामयाबी का आलम ये है कि 19 वर्ष की आयु में ही मोहित को एमके ऐप क्रिएटिव्स प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ बना दिया और नासा ने पूरे भारत से 29 हजार प्रतिभागी में से तीन बच्चों को इंटरव्यू के लिए चयन किया। उनमें से एक मोहित कुमार का नाम भी शामिल था। मोहित की टीम गूगल स्टार्टअप वीकेंड में यूनाइटेड बाय प्लेयर्स नाम 54 घंटों में ऐप तैयार कर दूसरा स्थान हासिल करने पर 30 लाख का फंड भी जीत चुके है। मोहित कुमार ने बताया कि उनके पास 24 पेटेंट और 6 स्टार्टअप हैं और उन्हें यंग एंटरप्रेन्योर 2019 के लिए भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है।

अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।

About The Author

Related Posts