बेटी हो तो ऐसी: जिन्दगी को बोझ समझने वाले, जरूर देंखे इस बहादुर बेटी की कहानी

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नई दिल्ली (सच कहूँ न्यूज)। अगर संघर्ष न रहे, किसी भी भय का (Brave Daughter) सामना न करना पड़े, तब जीवन का आधा स्वाद ही समाप्त हो जाता है! जी हां आज हम आपको एक ऐसी खबर बताने जा रहे हैं जिसकी बहादूरी की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। कोलकाता निवासी उबर कैब ड्राइवर दीप्ति घोष बीटेक इंजीनियर थीं, लेकिन वह अचानक कैब ड्राइवर का काम करने लगीं। जब यह सोशल मीडिया पर कहानी शेयर हुई तो लोग इस लड़की की हिम्मत जानकार रह गए।

इंजीनियर की नौकरी करने वाली ड्राइवर क्यों बनी | Brave Daughter

सोशल मीडिया के एक यूजर ने लिखा- मुझे लेक मॉल जाने के लिए एक कैब बुक की जरूरत थी। फिर मैंने एक कैब बुक की  थोड़ी देर बाद मेरे पास महिला ड्राइवर का फोन आया। मैं हैरान था कि महिला ने न तो पेमेंट पूछा और न ही लोकेशन उसने सिर्फ पिकअप लोकेशन पूछा। उसकी प्रोफाइल में उसका नाम दीप्ति घोष देखा। कैब में बैठने पर ड्राइवर का बात करने का तरीका किसी काफी पढ़ी-लिखी महिला जैसा था तो मैंने उसे एजुकेश्नल बैकग्राउंड के बारे में पूछ लिया। उसने जो बताया वह जानकर आप हैरान रह जाएंगे। दीप्ति बीटेक ग्रेजुएट इलैक्ट्रिकल इंजीनियर थी और 6 सालों तक अलग-अलग कंपनियों में काम भी कर चुकी थी। अब मेरे मन में सवाल आया कि आखिर दीप्ति को कैब चलाने की जरूरत क्यों पड़ गई?’

परिवार के लिए लिया ये फैसला | Brave Daughter

यूजर ने आगे लिखा- ‘इसके बाद मुझे मालूम हुआ कि दरअसल वर्ष 2020 में दीप्ति के पिता की मौत हो गई थी। उनके घर में उनकी मां और छोटी बहन थी। दीप्ति के पास नौकरी के लिए जितने भी आॅफर आए, वे सब कोलकाता के बाहर के थे। ऐसे में उनके लिए बहन और मां को छोड़कर किसी और शहर में जाना मुश्किल था और उन्हें नौकरी की भी जरूरत थी। दीप्ति को ड्राइविंग आती थी। ऐसे में कड़ा फैसला लेते हुए उन्होंने अपने लिए कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया। अल्टो कार खरीदी और साल 2021 से कैब कंपनी उबर के साथ काम करने लगीं। दीप्ति 6-7 घंटे कैब चलाकर महीने के लगभग 40 हजार रुपये कमा लेती हैं और फिलहाल वे अपने काम से खुश भी हैं।

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