MSG Bhandara: गुरु प्रेम में भक्तिमय हुआ मौजपुर धाम बुधरवाली का वातावरण, उमड़ा आस्था का जनसैलाब
नामचर्चा-सत्संग में मानवता भलाई और नशामुक्ति का दिया संदेश, 59 बच्चों को बांटे वस्त्र
श्रीगंगानगर, (सच कहूँ न्यूज़)। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां के पावन एमएसजी अवतार माह के उपलक्ष्य में रविवार को राजस्थान की साध-संगत की ओर से एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र, मौजपुर धाम, बुधरवाली में पावन भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी संख्या में राजस्थान प्रान्त के अलग अलग जिलों की साध-संगत पहुंची। कार्यक्रम के दौरान मानवता भलाई के कार्यों को आगे बढ़ाते हुए क्लॉथ बैंक मुहिम के तहत 59 बच्चों को वस्त्र वितरित किए गए।

इससे पूर्व सुबह से ही मौजपुर धाम की ओर साध-संगत के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ा, श्रद्धालुओं की कतारें भी बढ़ती गईं। राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से साध-संगत चौपहिया व दोपहिया वाहनों के साथ-साथ रेलगाड़ियों के माध्यम से भी पहुंची। गर्मी को देखते हुए आयोजन स्थल और आसपास कई स्थानों पर पेयजल की स्टॉल लगाई गईं। साध-संगत की सुविधा और व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सेवादारों ने अपनी सेवाएं दीं।

नामचर्चा में गूंजे भक्ति के शब्द
पावन भंडारे के अवसर पर आयोजित नामचर्चा सत्संग में कविराज भाइयों ने भक्ति से ओतप्रोत शब्दों का गायन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। साध-संगत ने पूज्य गुरु जी के भजनों का श्रवण किया। इस दौरान नशामुक्ति और मानवता भलाई का संदेश भी दिया गया। कार्यक्रम के उपरांत साध-संगत को भंडारे का प्रसाद व लंगर वितरित किया गया
पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने अपने संदेश में कहा कि डेरा सच्चा सौदा भक्ति का सरल मार्ग बताता है। उन्होंने कहा कि सत्संग में आने वाला व्यक्ति अपनी बुराइयां, तनाव और नकारात्मक विचार छोड़कर राम-नाम का अनमोल गुरुमंत्र प्राप्त कर सकता है। सच्चे सौदे में आने वाला व्यक्ति खाली हाथ नहीं जाता, बल्कि कुछ अच्छा हासिल करके लौटता है।
पूज्य गुरु जी ने कहा कि राम-नाम का जाप व्यक्ति के आत्मबल को मजबूत करता है। सत्संग में मिले गुरुमंत्र का जाप काम-धंधा करते हुए भी किया जा सकता है। इससे व्यक्ति को भक्ति के साथ अपने कर्मक्षेत्र में भी सकारात्मक ऊर्जा और लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि संत का उद्देश्य मनुष्य को जीवन का सही मकसद समझाना और सही राह पर चलने का तरीका बताना है।

15-20 मिनट का सिमरन भी बदल सकता है सोच
पूज्य गुरु जी ने कहा कि सत्संग नकारात्मक और बुरे विचारों को दूर कर सकारात्मक सोच विकसित करने में मदद करता है। इसके लिए बाहरी दिखावे की आवश्यकता नहीं, बल्कि सुबह-शाम कुछ समय एकाग्रता के साथ सिमरन करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि मन नकारात्मक विचारों से हावी होने लगे तो कुछ समय तेज गति से गुरुमंत्र का जाप करने से मन को सकारात्मक दिशा देने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि एकाग्रता से किया गया जाप व्यक्ति के विचारों और भावनाओं में बदलाव ला सकता है तथा बुरी आदतों को छोड़ने में सहायक बन सकता है। गुरुमंत्र अलमारी में रखने के लिए नहीं, बल्कि उसका जाप करने के लिए दिया जाता है। राम-नाम से आत्मबल बढ़ता है और यही आत्मबल व्यक्ति को जीवन में ऊंचाइयां हासिल करने की प्रेरणा देता है।आत्मबल की खुराक सत्संग से मिलती है’
पूज्य गुरु जी ने कहा कि सत्संग और सिमरन के माध्यम से व्यक्ति को यह अनुभूति होने लगती है कि परमात्मा उसके साथ है। उन्होंने कहा कि भगवान कण-कण में विद्यमान हैं और करोड़ों-अरबों जीवों के भीतर निवास करते हुए सबकी खबर रखते हैं। उन्होंने कहा कि परमात्मा को अनुभव करने और उसके मार्ग को समझने का रास्ता सत्संग में बताया जाता है। उन्होंने साध-संगत से नियमित रूप से गुरुमंत्र का जाप करने का आह्वान करते हुए कहा कि जैसे-जैसे सिमरन में एकाग्रता और तड़प बढ़ती है, वैसे-वैसे व्यक्ति को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति होने लगती है। इस अवसर पर साध-संगत ने मानवता भलाई के कार्यों को आगे बढ़ाने और नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश भी दिया।

