Cricket Record: क्रिकेट का ऐसा रिकॉर्ड जिसे तोड़ना लगभग नामुमकिन, एक मैच में 23 बल्लेबाज हुए थे बोल्ड
क्रिकेट का अनोखा रिकॉर्ड: एक टेस्ट मैच में 23 बल्लेबाज हुए बोल्ड, 139 साल बाद भी कायम
Cricket Record: क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड बनना और टूटना आम बात है, लेकिन कुछ उपलब्धियां ऐसी होती हैं जो समय के साथ और भी खास बन जाती हैं। क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा ही अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे आज भी सबसे दुर्लभ रिकॉर्ड्स में गिना जाता है। यह रिकॉर्ड एक टेस्ट मैच में 23 बल्लेबाजों के बोल्ड होने का है, जो करीब 139 साल बाद भी कायम है।
1887 में बना था यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड | Cricket Record
यह दिलचस्प मुकाबला फरवरी-मार्च 1887 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला गया था। मैच की शुरुआत इंग्लैंड के टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने के फैसले के साथ हुई, लेकिन टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। इंग्लैंड की पूरी टीम पहली पारी में 151 रन पर सिमट गई। इस दौरान उसके 6 बल्लेबाज बोल्ड हुए।
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज चार्ली टर्नर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट हासिल किए। खास बात यह रही कि उनके 5 में से 4 विकेट बोल्ड के रूप में आए।
जॉर्ज लोहमैन ने बरपाया कहर
पहली पारी में जवाब देने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम इंग्लैंड के गेंदबाज जॉर्ज लोहमैन की घातक गेंदबाजी के सामने टिक नहीं सकी। पूरी टीम 84 रन पर ऑलआउट हो गई। लोहमैन ने 8 विकेट झटके, जिनमें से 7 बल्लेबाज बोल्ड हुए। यह अपने आप में बेहद दुर्लभ प्रदर्शन था।
दूसरी पारी में फिर दिखा गेंदबाजों का जलवा
दूसरी पारी में इंग्लैंड ने संघर्ष करते हुए 154 रन बनाए। इस बार भी चार्ली टर्नर ने अपनी धारदार गेंदबाजी जारी रखी और 4 विकेट लिए। दिलचस्प बात यह रही कि उनके सभी विकेट बोल्ड के जरिए आए। इसके साथ ही उन्होंने पूरे मैच में कुल 8 बल्लेबाजों को बोल्ड करने का अनोखा रिकॉर्ड बना दिया।
222 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम 150 रन पर सिमट गई और इंग्लैंड ने यह मुकाबला 71 रन से अपने नाम कर लिया। दूसरी पारी में जॉर्ज लोहमैन ने 2 विकेट हासिल किए, जिनमें एक बल्लेबाज बोल्ड हुआ। इस तरह लोहमैन और टर्नर दोनों ने मैच में 8-8 बल्लेबाजों को बोल्ड किया।
23 खिलाड़ियों के बोल्ड होने का अटूट रिकॉर्ड
इस मुकाबले में दोनों टीमों की चारों पारियों को मिलाकर कुल 23 बल्लेबाज बोल्ड हुए थे। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह इकलौता अवसर है जब किसी मैच में इतने बल्लेबाज बोल्ड हुए हों। इसके बाद केवल दो ऐसे टेस्ट मैच हुए हैं, जिनमें 22-22 बल्लेबाज बोल्ड हुए, लेकिन 23 का आंकड़ा कोई नहीं छू सका।
25 फरवरी 1887 को शुरू हुआ यह चार दिवसीय टेस्ट मैच 1 मार्च को समाप्त हुआ था। तेज गेंदबाजों के दबदबे वाले उस दौर में बना यह रिकॉर्ड आज भी क्रिकेट इतिहास की सबसे अनोखी उपलब्धियों में शुमार है। लगभग डेढ़ सदी बीत जाने के बावजूद यह रिकॉर्ड कायम है, जो इसकी असाधारण और दुर्लभ प्रकृति को दर्शाता है।
आज भी कायम है इतिहास
आधुनिक क्रिकेट में बल्लेबाजों के पास बेहतर तकनीक, उन्नत उपकरण और अनुकूल परिस्थितियां हैं। ऐसे में एक ही टेस्ट मैच में 23 बल्लेबाजों का बोल्ड होना लगभग असंभव माना जाता है। यही वजह है कि 1887 में बना यह रिकॉर्ड आज भी क्रिकेट प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बना रहता है और क्रिकेट इतिहास के सबसे अनोखे रिकॉर्ड्स में शामिल है।