Haryana Corruption News: रिश्वत लेने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को लेकर सरकार ने जारी किया ये बड़ा फरमान

भ्रष्ट कर्मचारियों को पड़ोसी जिलों से भी बाहर भेजेगी सरकार

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चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। हरियाणा में रिश्वत लेते पकड़े गए अधिकारियों और कर्मचारियों को अब उसी स्टेशन पर तैनात नहीं रखा जाएगा, जहां उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला चल रहा है। सरकार ने ऐसे कर्मचारियों को जरूरत पड़ने पर पड़ोसी जिलों से भी बाहर तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव कार्यालय के सतर्कता विभाग ने मंगलवार को इस संबंध में सभी विभागों को आदेश जारी किए। सरकार के संज्ञान में आया था कि भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े जाने और जमानत मिलने के बाद भी कुछ कर्मचारी उसी स्टेशन पर काम कर रहे हैं, जहां उनके खिलाफ जांच या मुकदमा चल रहा है। इससे शिकायतकतार्ओं और गवाहों पर दबाव डालने की आशंका है।

जमानत मिलने पर भी बदलनी होगी तैनाती

आदेशों के अनुसार, जमानत मिलने से कर्मचारी को पुराने स्टेशन पर काम जारी रखने का अधिकार नहीं मिलेगा। न्यायिक हिरासत में बंद ऐसे कर्मचारियों की जमानत पर रिहाई होने पर भी उनकी तैनाती बदलनी होगी। जिन कर्मचारियों को दूसरे जिले में नहीं भेजा जा सकता, उन्हें उसी जिले के किसी दूरस्थ स्टेशन पर तैनात करना होगा। ये निर्देश सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, पुलिस महानिदेशक, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों और बोर्डों-निगमों सहित विश्वविद्यालयों को भेजे गए हैं।

कॉलेज का सहायक 22 हजार रु. रुपये लेते गिरफ्तार

नूंह (सच कहूँ न्यूज)। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की नूंह टीम ने शहीद हसन खान राजकीय मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ के डीन कार्यालय में तैनात सहायक सकरुद्दीन को 22 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता की छह दिन की अतिरिक्त ड्यूटी की हाजिरी पूरी करने के बदले रिश्वत मांगी थी। एसीबी के प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि शिकायत मिलने के बाद नूंह सब-यूनिट ने जाल बिछाया। टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को कथित तौर पर 22 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के खिलाफ एसीबी के गुरुग्राम थाने में मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।

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