अब दक्षिणी हरियाणा में पैदा होगा उत्कृष्ट गुणवत्ता का आलू बीज

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उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय आलू केन्द्र और बागवानी विभाग के बीच एमओयू पर हुए हस्ताक्षर

चंडीगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। Aalu Ka Bij: हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा की उपस्थिति में आज राज्य के बागवानी विभाग और अंतरराष्ट्रीय आलू केन्द्र (सीआईपी) के बीच एक महत्त्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं इस समझौता का मुख्य उद्देश्य दक्षिणी हरियाणा में उच्च गुणवत्ता वाले आलू बीज का उत्पादन बढ़ाना है। इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज अग्रवाल के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, अंतरराष्ट्रीय आलू केन्द्र के वैज्ञानिक भी उपस्थित थे। Chandigarh

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सहयोग प्रस्तावित

कृषि मंत्री ने बताया कि एमओयू के तहत यह सहयोग प्रधानमंत्री कृषि योजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवी) के अंतर्गत प्रस्तावित है। इसके तहत वर्ष 2025-26 में 4.48 करोड़ की राशि केंद्र सरकार से अनुमोदित की जा चुकी है, तथा कुल 18.70 करोड़ की परियोजना 4 वर्षों की अवधि में क्रियान्वित की जाएगी।

दक्षिणी जिलों में मिलेगर आलू का ‘एरली जेनेरेशन सीड’

राणा ने बताया कि एमओयू का उद्देश्य हरियाणा के दक्षिणी जिलों जैसे दादरी, भिवानी, महेंद्रगढ़ एवं रेवाड़ी में आलू का ‘एरली जेनेरेशन सीड’ का उत्पादन कर किसानों को उच्च गुणवत्ता वाला व रोगमुक्त बीज उपलब्ध कराना है। इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और हरियाणा आलू बीज उत्पादक राज्य के रूप में उभर सकेगा। Chandigarh

उन्होंने बताया बागवानी विभाग द्वारा करनाल के शामगढ़ में स्थापित पो्टेटो टेक्नोलॉजी सेंटर (पीटीसी) को इस परियोजना का क्रियान्वयन केंद्र बनाया गया है, जहाँ एआरसी तकनीक, एरोपोनिक्स यूनिट्स और कंट्रोल्ड क्लाइमेट फैसिलिटीज जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय आलू केन्द्र” और हरियाणा सरकार के बीच यह समझौता किसानों के लिए एक मील का पत्थर सिद्ध होगा। यह परियोजना राज्य के दक्षिणी जिलों में आलू बीज उत्पादन को नई दिशा देगी, जिससे किसानों को उच्च गुणवत्ता का रोगमुक्त बीज उपलब्ध हो सकेगा।’

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