शिक्षा और रोजगार
जब चंडीगढ़ में रहता था, तब अक्सर पीजीआई आता था: प्रधानमंत्री मोदी
चंडीगढ़ से पीएम मोदी बोले- स्वास्थ्य और डिजिटल विकास में देश ने बनाई नई पहचान
चंडीगढ़ (सच कहूँ/अश्वनी चावला)। Chandigarh News: चंडीगढ़ के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह चंडीगढ़ में रहते थे, तब अक्सर पीजीआई आने का अवसर मिलता था। उन्होंने वर्ष 2015 में पीजीआई के दीक्षांत समारोह की भी चर्चा की और कहा कि पिछले एक दशक में संस्थान की स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कि पीजीआई में एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू होने से देश के मेधावी छात्रों को शीर्ष संस्थान में पढ़ने का अवसर मिलेगा और भविष्य में यह संस्थान चिकित्सा अनुसंधान एवं नवाचार का बड़ा केंद्र बनेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर काम हुआ है। 15 नए एम्स को मंजूरी दी गई, अनेक मेडिकल कॉलेज और कैंसर अस्पताल स्थापित किए गए तथा आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन और क्रिटिकल केयर ब्लॉक जैसी योजनाओं से स्वास्थ्य सेवाएँ गाँवों तक पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में मेडिकल सीटों की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है और 90 प्रतिशत से अधिक प्रसव अब संस्थागत हो रहे हैं।
कोरोना का जिक्र कर भारत की क्षमता बताई
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए जाते थे, लेकिन महामारी के दौरान देश ने पूरी दुनिया को अपनी क्षमता दिखाई। भारत जरूरतमंद देशों तक दवाइयां और वैक्सीन पहुंचाने वाला देश बना और यह पिछले वर्षों की ईमानदार कोशिशों का परिणाम है।
चंडीगढ़ बना डिजिटल गवर्नेंस का मॉडल
प्रधानमंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ देश में आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अग्रणी शहर बन चुका है। भारतीय न्याय संहिता लागू करने की शुरूआत भी चंडीगढ़ से हुई। इसके अलावा इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, स्मार्ट पार्किंग और डिजिटल गवर्नेंस जैसी परियोजनाओं पर 2,500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और शोध संस्थानों की मौजूदगी चंडीगढ़ को भविष्य में टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, स्टार्टअप और इनोवेशन का बड़ा केंद्र बना सकती है।
स्वच्छता को बताया स्वस्थ जीवन की बुनियाद
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि देशभर में करोड़ों शौचालय बनाए गए, खुले में शौच की समस्या खत्म करने की दिशा में काम हुआ और सार्वजनिक स्थानों की सफाई को जन आंदोलन बनाया गया। इस दौरान उन्होंने चंडीगढ़ के रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह सिद्धू की विशेष सराहना की। उन्हें ‘ब्रूम वॉरियर’ बताते हुए कहा कि उन्होंने शहर में स्वच्छता को जन आंदोलन बनाया और इसी योगदान के लिए केन्द्र सरकार ने उन्हें पद्म सम्मान से सम्मानित किया।
