शिक्षा और रोजगार
सपा-बसपा के शासन काल में बिकी थी 29 चीनी मिलें
कैराना (सच कहूँ न्यूज़)। Kairana News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष-2017 में सुरेश राणा प्रदेश सरकार में गन्ना मंत्री बने थे। स्वतंत्र भारत के बाद चीनी मिलों के पुनरुद्धार का बीड़ा अगर किसी ने उठाया है तो वह इसी माटी के लाल सुरेश राणा ने उठाया है। इसका परिणाम यह हुआ कि आज प्रदेश में 122 चीनी मिलें चल रही है। उनकी सरकार ने गन्ना किसानों का भुगतान न सिर्फ समय पर कराया बल्कि गन्ना मूल्य को 400 रुपये कुंतल किया है। आज 400 रुपये प्रति कुंतल अन्नदाता किसानों को गन्ना मूल्य मिल रहा है। वर्ष-2017 में सुरेश राणा को यह मानकर जिम्मेदारी दी गई थी कि शायद चीनी मिलें अब मुश्किल चल पाएगी।
योगी ने विपक्षी सरकारों पर हमला करते हुए कहा कि वर्ष-2007 से 2017 के बीच प्रदेश में 29 चीनी मिल सपा व बसपा की सरकारों में बंद हुई थी। 21 चीनी मिलों को इन्होंने औने-पौने दामों में बेच दिया था। कहा कि मैंने सुरेश राणा से पूछा कि चीनी मिलें बिकेंगी तो नही, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि इन चीनी मिलों को वापिस लेकर चलाने का काम करेंगे। इसी का परिणाम है कि 122 चीनी मिलें आज प्रदेश के अंदर चल रही है। आज उत्तर-प्रदेश देशभर में चीनी, गन्ना और एथनॉल के उत्पादन में नंबर एक बनकर अन्नदाता किसानों की समृद्धि का कारण बना हुआ है।
प्रदेश की डेमोग्राफी बदलने में लगे थे सपा और कांग्रेस
योगी ने कहा कि जो लोग प्रदेश की डेमोग्राफी बदल रहे थे। ये समाजवादी और कांग्रेस के लोग जिन्ना के उपासक है। इन्हीं के कारण कांधला व कैराना से पलायन हो रहा था। विकास का कोई विकल्प नही हो सकता। ये जो जिन्ना के अनुयायी है। जब भी इन्हें मौका मिलेगा, ये आपको जाति और क्षेत्र के नाम पर बांटेंगे। विकास में लूट-खसोट करेंगे। अराजकता फैलाएंगे। बहन-बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाने का कार्य करेंगे। सीएम ने कहा कि 2017-18 में वह कैराना आये थे।
सपा शासनकाल में वर्ष-2015 में कैराना के एक व्यापारी की हत्या सरेआम बाजार में कर दी गई थी। मैं उस परिवार के लोगो से मिला था। इसके बाद वर्ष-2020-21 में दोबारा कैराना आया। आज मैं जब भी कैराना या शामली आता हूँ। ह्रदय से प्रसन्नता होती है कि हम लोगो ने जो संकल्प लिया था अपराध और अपराधियों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति का। वह आज सार्थक सिद्ध हो रही है। हमनें संकल्प लिया था कि यूपी में माफियाओं के लिए जगह या तो जेल में होगी या फिर जहन्नुम में। अब कैराना व शामली की खुशहाली को देखकर प्रतीत होता है कि उनका सार्वजनिक जीवन में आना सार्थक हुआ है।
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