Plastic Currency: अब चलेंगे प्लास्टिक के नोट? कम खर्च में ज्यादा टिकाऊ

42.86 ट्रिलियन रुपये पहुंची नकदी, मुद्रा प्रबंधन के लिए नए कदमों पर विचार

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Plastic Notes in India: नई दिल्ली। देश में जल्द ही पॉलीमर यानी प्लास्टिक के नोट चलन में आने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बढ़ती मुद्रा मांग और नोटों की छपाई पर बढ़ते खर्च को देखते हुए पॉलीमर नोटों के विकल्प पर विचार शुरू किया है। Plastic Currency

बताया जा रहा है कि हाल में पटना और मुंबई में आयोजित आरबीआई बोर्ड की बैठकों में इस विषय पर चर्चा की गई। रिपोर्टों के अनुसार पॉलीमर नोट पारंपरिक कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ, सुरक्षित और लंबे समय तक उपयोग योग्य होते हैं। इनकी आयु अधिक होने के कारण बार-बार छपाई की आवश्यकता कम पड़ सकती है, जिससे दीर्घकाल में लागत में भी कमी आ सकती है।

आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में नोटों की छपाई पर खर्च बढ़कर 6,372.8 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 5,101.4 करोड़ रुपये था। इसी अवधि में लगभग 23.8 अरब गंदे और क्षतिग्रस्त नोटों को चलन से हटाया गया। इनमें सबसे अधिक 500 और 100 रुपये के नोट शामिल रहे।

रिपोर्ट यह भी दर्शाती है कि डिजिटल भुगतान के विस्तार के बावजूद नकदी की मांग लगातार बढ़ रही है। 15 मई तक प्रचलन में कुल मुद्रा 42.86 ट्रिलियन रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। ऐसे में मुद्रा प्रबंधन को अधिक प्रभावी और किफायती बनाने के लिए पॉलीमर नोटों का विकल्प गंभीरता से विचाराधीन माना जा रहा है। Plastic Currency

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