Monsoon 2026 Forecast: देश में एलनीनो का प्रभाव! हरियाणा सहित पूरे उत्तर भारत को इस बार ज्यादा तपाएगी लू

भारत मौसम विभाग ने जारी किया अनुमान, मानसून रह सकता है औसत से कम

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Monsoon 2026 Forecast: नई दिल्ली (सच कहूँ/संदीप सिंहमार)। मानसून की बाट जोह रहे किसानों को इस बार निराशा मिलने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून के दूसरे दीर्घकालिक अनुमान में कहा है कि देश भर में इस बार मानसूनी बारिश दीर्घकालिक औसत का लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है, जिसमें चार प्रतिशत की घट-बढ़ हो सकती है। इसका मतलब है कि अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की आशंका अधिक है। IMD Forecast

आईएमडी के आधिकारिक बुलेटिन में उत्तर-पश्चिम भारत जिसमें हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश शामिल हैं में एलपीए के 92 प्रतिशत से कम बारिश होने की संभावना है। जून में भी इन राज्यों में औसत से कम बारिश की आशंका जताई गई है, जिससे फसल, जलजलापूर्ति और पेयजल पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही इन क्षेत्रों में मासिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है, जिससे गर्मी और लू की तीव्रता बढ़ सकती है।

राजस्थान में मौसम विभाग ने सामान्य से कम लू की संभावना जताई है, परंतु पूरे राज्य में बारिश का अनुमान उत्तर-पश्चिम के समग्र रुझान के अनुरूप कम रह सकता है।  भारत मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून कोर जोन में अधिकांश वर्षा-निर्भर कृषि क्षेत्रों में सामान्य से कम मौसमी वर्षा होने की संभावना है। इससे सिंचाई, जलाशय भरण और जलविद्युत उत्पादन प्रभावित हो सकते हैं, तथा सूखा और पेयजल संकट का जोखिम बढ़ सकता है।

जून में देशव्यापी औसत वर्षा दीर्घावधि औसत की लगभग 92 प्रतिशत रह सकती है। उत्तर-पूर्व में वर्षा सामान्य रहने का अनुमान है, वहीं मध्य व दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में कुछ कमी देखने को मिल सकती है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में ईएनएसओ का रुझान अल नीनो की ओर है, जो मानसून की अनिश्चितता बढ़ा सकता है। किसानों और जल प्रबंधकों को तैयार रहने की सलाह दी गई है। IMD Forecast

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