Twisha Sharma Case Update: ट्विशा शर्मा मौत मामले में शरीर पर 7 चोटों ने बढ़ाई मामले की गंभीरता

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले पर बोले एडवोकेट जनरल प्रशांत सिंह

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TTwisha Sharma Case Update: जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चर्चित ट्विशा शर्मा मृत्यु प्रकरण की सुनवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्यों पर विस्तार से विचार किया गया। अदालत ने मृतका के शरीर पर मिले चोटों के निशानों, दहेज उत्पीड़न के आरोपों तथा जांच में सहयोग नहीं मिलने जैसे पहलुओं को गंभीरता से लिया है। राज्य के महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपी पक्ष को पूर्व में मिली अग्रिम जमानत को निरस्त करने की मांग को लेकर याचिका प्रस्तुत की गई थी। Twisha Sharma Case 

सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष यह तथ्य रखा गया कि मृतका के शरीर पर मृत्यु से पूर्व चोटों के कई निशान पाए गए, जो मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों की ओर से आरोपी को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन अपेक्षित स्तर पर सहयोग प्राप्त नहीं हुआ। अदालत ने पहले जमानत देते समय स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जांच में पूर्ण सहयोग किया जाएगा, किंतु जांच अधिकारियों के अनुसार ऐसा नहीं हुआ।

महाधिवक्ता ने बताया कि प्राथमिकी में दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न से जुड़े गंभीर आरोप दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि विवाह के कुछ ही समय बाद हुई अप्राकृतिक मृत्यु ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। जांच के दौरान दर्ज किए गए गवाहों के बयान भी शिकायतकर्ता पक्ष के आरोपों की पुष्टि करते बताए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल साक्ष्यों, विशेष रूप से व्हाट्सएप संदेशों की जांच से कथित दहेज प्रताड़ना से जुड़े अतिरिक्त तथ्य सामने आ सकते हैं। Twisha Sharma Case

अदालत ने इस पहलू को भी जांच के लिए महत्वपूर्ण माना है। मामले में महत्वपूर्ण मोड़ तब आया, जब हाईकोर्ट ने पूर्व में दी गई अग्रिम जमानत को निरस्त कर दिया। न्यायालय ने माना कि निचली अदालत ने जमानत पर निर्णय देते समय केस डायरी, गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों जैसे महत्वपूर्ण तथ्यों का पर्याप्त मूल्यांकन नहीं किया था।

न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ ने कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों और गवाहों के बयानों में ऐसे कई संकेत मौजूद हैं, जिनकी गहन जांच आवश्यक है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि गंभीर आरोपों वाले मामलों में सभी साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया जाना जरूरी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। इस प्रकरण ने एक बार फिर दहेज उत्पीड़न और वैवाहिक हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। Twisha Sharma Case

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