Bribery Case: रिश्वत मामले में नगर परिषद पहुंची एसीबी, रिकॉर्ड और कंप्यूटर खंगाले

रिश्वत मामले में नगर परिषद पहुंची एसीबी, रिकॉर्ड और कंप्यूटर खंगाले

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कैथल, सच कहूँ/कुलदीप नैन। Kaithal News: नगर परिषद में रिश्वत मामले की जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम मंगलवार को कार्यालय पहुंची। विजिलेंस इंस्पेक्टर सूबे सिंह के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न कमरों में रिकॉर्ड की जांच की और एक जूनियर इंजीनियर के कंप्यूटर का डाटा खंगाला। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं या नहीं और कथित रिश्वतखोरी कब से चल रही थी। राजौंद के एक ठेकेदार ने शिकायत दी थी कि 40 लाख रुपये के टेंडर का कार्य आदेश जारी करने के बदले एक प्रतिशत कमीशन मांगा गया। आरोप है कि आॅपरेटर-कम-स्वीपर संजय ने एमई वरुण शर्मा के कहने पर रकम मांगी थी।

एसीबी ने संजय को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। हालांकि, खबर में गिरफ्तारी की रकम को लेकर विरोधाभास है—शुरूआती जानकारी में 8 हजार रुपये, जबकि विस्तृत विवरण में 18 हजार रुपये बताए गए हैं। संजय को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। एमई वरुण शर्मा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज है और उनकी तलाश की जा रही है। एमई कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की तारें हटी हुई मिली हैं। एसीबी यह पता लगाएगी कि तारें कब और किसने हटाईं तथा इसका रिश्वत मामले से कोई संबंध है या नहीं। डीएमसी कपिल शर्मा ने भी इस मामले की जांच कराने की बात कही है। एसीबी टीम के पहुंचने पर कई कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं थे। विजिलेंस इंस्पेक्टर ने फोन कर उन्हें बुलाया, जिसके बाद रिकॉर्ड और कंप्यूटर डाटा की जांच की गई। इंस्पेक्टर सूबे सिंह के अनुसार, जांच जारी है और सभी तथ्यों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद होगा।

 

 

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