Ration Depot News: राशन डिपो में अनियमितताओं के आरोप, ग्रामीणों में रोष

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जाखल (सच कहूँ/तरसेम सिंह)। Jakhal News: खंड के गांव चुहड़पुर में राशन डिपो पर कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने मामले की उच्च स्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित पूरा राशन नहीं मिल रहा और वितरण के समय किसी प्रकार की रसीद या रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं कराया जाता। ग्रामीणों के अनुसार डिपो धारक नियमानुसार अलग दुकान से राशन वितरण करने के बजाय अपने घर से ही डिपो संचालित कर रहा है, जबकि नियमों के तहत स्टॉक व वितरण संबंधी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य है। मौके पर ऐसा कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगा मिला। Jakhal News

गांव निवासी मलकीत सिंह ने बताया कि उन्हें निर्धारित दो लीटर सरसों के तेल की जगह केवल एक लीटर तेल दिया गया। शेष तेल के बारे में पूछने पर तेल खत्म होने की बात कह दी गई। उनका कहना है कि यदि सरकार की ओर से पूरा राशन जारी किया गया है तो शेष राशन की जांच होनी चाहिए। इसी प्रकार प्रेम सिंह ने आरोप लगाया कि राशन वितरण के समय उपभोक्ताओं को कोई पर्ची नहीं दी जाती और न ही यह बताया जाता है कि उनके हिस्से में कितना राशन आया और कितना वितरित किया गया।

वहीं जगमेल सिंह ने तौल व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राशन की विधिवत तौल नहीं की जाती, बल्कि एक तय डिब्बे से राशन बांटा जाता है। इस बार दी गई चीनी भी गीली थी, जिससे वजन अधिक प्रतीत हो रहा था। उन्होंने पारदर्शी वितरण प्रणाली लागू करने की मांग की। Jakhal News

दूसरी ओर राशन डिपो धारक जय किशन ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विभाग से जितना राशन मिलता है, वह पूरी मात्रा में उपभोक्ताओं को दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार अन्य गांवों के राशन कार्ड धारक भी यहां से राशन ले लेते हैं, जिससे उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने शिकायतों को राजनीतिक रंजिश का परिणाम बताया।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग जाखल के इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने कहा कि उपभोक्ताओं की ओर से लिखित शिकायत मिलने पर मामले की विशेष जांच करवाई जाएगी। जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित डिपो धारक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

गांव की सरपंच हरप्रीत कौर ने भी कहा कि यदि ग्रामीणों की ओर से औपचारिक शिकायत प्राप्त होती है तो जांच करवाकर दोषी पाए जाने पर उच्च अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

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