Colgate Bright Smiles Bright Futures: स्कूलों में सिखाया जायेगा अब पढ़ाई के साथ दातों की देखभाल करना
50 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचेगा अभियान
Colgate Bright Smiles Bright Futures: सरसा (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। स्कूलों में अब पढ़ाई के साथ बच्चों को दांतों की सही देखभाल और स्वस्थ मुंह के लिए जरूरी आदतों की जानकारी भी दी जाएगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों में कोलगेट ब्राइट स्माइल्स ब्राइट फ्यूचर्स कार्यक्रम लागू करने की अनुमति दी है। इसके तहत कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। मार्च 2028 तक प्रदेश के 50 लाख विद्यार्थियों और 20 हजार से अधिक स्कूलों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को टार्ग फाउंडेशन को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशालय की ओर से 29 सितंबर को जारी ज्ञापन में कार्यक्रम की अनुमति और उससे जुड़ी शर्तों की जानकारी दी गई है।
सिर्फ ब्रश करना नहीं, सही तरीका और खान-पान भी सीखेंगे बच्चे
अभियान के दौरान बच्चों को दांतों की सफाई से जुड़ी रोजमर्रा की आदतों के बारे में बताया जाएगा। इसमें सही तरीके से ब्रश करना, दिन में दो बार ब्रश करने का महत्व, हर तीन महीने में टूथब्रश बदलना और स्वस्थ मुंह के लिए उचित पोषण जैसे विषय शामिल हैं।
दंत चिकित्सकों की निगरानी में चलेगा कार्यक्रम
कार्यक्रम को टार्ग फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से संचालित किया जाएगा। यह संस्था कोलगेट-पामोलिव (इंडिया) लिमिटेड की गैर-सरकारी संगठन सहयोगी है। निदेशालय ने कार्यक्रम के संचालन के लिए शर्त रखी है कि इसे विशेषज्ञ दंत चिकित्सकों की निगरानी में लागू किया जाएगा। कार्यक्रम के लिए स्कूल शिक्षा विभाग पर किसी प्रकार का वित्तीय भार नहीं डाला जाएगा। साथ ही विद्यार्थियों की नियमित कक्षा गतिविधियों और शैक्षणिक कार्यक्रम में भी इससे बाधा नहीं आनी चाहिए। शिक्षा निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि कार्यक्रम का इस्तेमाल किसी भी तरह कंपनी के व्यावसायिक हितों को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जाएगा।
बच्चों में छोटी उम्र से ही दांतों की सही देखभाल की आदत विकसित करना जरूरी है। इस अभियान से विद्यार्थियों को ब्रश करने के सही तरीके और मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता मिलेगी। - सुभाष कुमार फुटेला, जिला शिक्षा अधिकारी, सरसा।