टी-कनेक्शन की मांग पर चानौत के ग्रामीणों का शक्ति प्रदर्शन, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
एसपी बोले-अनशनकारियों को कुछ हुआ तो धरना कमेटी पर होगी कार्रवाई
हांसी (सच कहूँ/मुकेश)। Hansi News: भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से टी-कनेक्शन की मांग को लेकर गांव चानौत में पिछले 33 दिनों से चल रहे आंदोलन ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। बुधवार देर रात धरना स्थल पर प्रशासन और पुलिस की टीम के पहुंचने के बाद उपजे विवाद के विरोध में ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ ट्रैक्टर मार्च निकाला और जिला सचिवालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
गांव चानौत से निकला ट्रैक्टर मार्च जींद रोड के रास्ते हांसी पहुंचा। प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर शहर के अधिकांश मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई थी और ग्रामीणों को निर्धारित मार्ग से ही जिला सचिवालय तक पहुंचने की अनुमति दी गई। ट्रैक्टरों के लंबे काफिले के साथ पहुंचे ग्रामीणों और किसानों ने सरकार एवं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया।
जिला सचिवालय पहुंचने पर आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने मांग दोहराई कि राजली-हांसी पेयजल पाइपलाइन उनके गांव से होकर गुजर रही है, इसलिए चानौत गांव को भी टी-कनेक्शन देकर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। धरना समिति के सदस्यों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ग्रामीणों की जायज मांग को नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है और आंदोलन को लगातार जनसमर्थन मिल रहा है।
उधर, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने कहा कि बुधवार रात पुलिस सिविल प्रशासन के अनुरोध पर धरना स्थल पर पहुंची थी। आमरण अनशन पर बैठे लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन धरना कमेटी द्वारा उनकी आवश्यक चिकित्सीय जांच तक नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि अनशन पर बैठे किसी भी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ती है या कोई अप्रिय घटना होती है तो संबंधित धरना कमेटी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 307 सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। वहीं ग्रामीणों ने आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना दिखाई दे रही है।
बुधवार देर रात धरना स्थल पर बढ़ा तनाव
बुधवार देर रात करीब दो बजे प्रशासन, पुलिस, चिकित्सकों और एंबुलेंस के साथ धरना स्थल पर पहुंचा। पुलिस का कहना है कि टीम आमरण अनशन पर बैठे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने गई थी, जबकि ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि आंदोलनकारियों को जबरन उठाने का प्रयास किया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ युवाओं के साथ धक्का-मुक्की की गई, जबकि पुलिस ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई को पूरी तरह शांतिपूर्ण बताया। घटना के बाद गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर मार्च के रूप में जिला सचिवालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
