85 मैंबर सतबीर सिंह इन्सां की पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च हेतु दान

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सच कहूँ/मनोज वर्मा कैथल। पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी न सिर्फ जीते जी बल्कि इस जहां से जाने के बाद भी इन्सानियत के काम आते हैं। इसी क्रम में कैथल निवासी 85 मैंबर सचखंडवासी सतबीर सिंह इन्सां की पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च हेतु दान की गई।

जानकारी के अनुसार कैथल ब्लॉक निवासी 85 मैंबर सतबीर सिंह इन्सां (59) कल देर रात्रि अपनी श्वासों रूपी पूंजी पूर्ण कर कुल मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे। बुधवार प्रात: उनका पार्थिव शरीर फरीदाबाद स्थित अमृता इंस्टीच्यूट आॅफ मेडिकल सांइस एंड रिसर्च सेंटर, सेक्टर 88 को रिसर्च हेतू दान कर दिया गया। सचखंडवासी सतबीर सिंह इन्सां की अर्थी को उनकी बेटियों, बहुओं और परिवार की अन्य महिलाओं ने कंधा दिया और समाज में एक अनूठी मिसाल पेश की। सतबीर सिंह इन्सां ने सन् 1975 में पूजनीय परम पिता शाह सतनाम जी महाराज से नाम की अनमोल दात प्राप्त की थी। इसके पश्चात वे हमेशा मानवता भलाई कार्यों में आगे रहते। उन्होंने अपनी अंतिम सांस तक डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं पर अमल करते हुए देश के कोने- कोने में पहुँचकर मानवता भलाई के कार्यों में तन, मन, धन से नि:स्वार्थ सेवा की।

उनके छोटे भाई ब्लॉक कैथल के 15 मैंबर अनिल कुमार इन्सां ने बताया कि सतबीर सिंह इन्सां एक सप्ताह पहले बुखार से प्रभावित हुए थे। बुखार से उनके लीवर में थोड़ा सा इंफेकशन पैदा हो गया। जिसके चलते उन्हें कल्पना चावला अस्पताल करनाल में उपचार के लिए ले जाया गया, वहां ईलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। वे अपने पीछे अपनी पत्नी 15 मैंबर शीला इन्सां, बेटी सोनू इन्सां, पुत्र मोहन इन्सां व पुत्रवधू दूजा इन्सां सहित माता शांति देवी इन्सां, भाई बलबीर सिंह इन्सां, भाई मोती लाल इन्सां, भाई 15 मैंबर अनिल इन्सां सहित भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।

बता दें कि सचखंड वासी सतबीर सिंह इन्सां सुपुत्र श्री कपूर सिंह इन्सां ने पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए जीते जी ही मरणोपरांत शरीर दान का संकल्प लिया हुआ था। उनके संकल्प को आज उनके समस्त प्रेमी परिवार ने पूरा किया है। दिवंगत सतबीर सिंह इन्सां के शरीरदान की क्षेत्र में खूब चर्चा हो रही है।

परिजनों व साध-संगत ने नम आंखों से दी विदाई

बलराज नगर स्थित उनके आवास से जब एक फूलों से सजी हुई वैन में उनके पार्थिव शरीर को ले जाया जा रहा था तो उस समय का माहौल काफी गमगीन था। उनकी बेटी, पुधवधु और परिवार की अन्य महिलाओं ने उनके पार्थिव शरीर का कांधा दिया। जोकि बेटा-बेटी एक समान मुहिम का हिस्सा है।

डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग के सेवादार, सुजान बहनों ने ‘सतबीर सिंह अमर रहे’, ‘जब तक सूरज चांद रहेगा, सतबीर सिंह इन्सां तेरा नाम रहेगा’ के नारों से आसमान गूंजायमान कर दिया। इस मौके पर डेरा सच्चा सौदा राम-ए-खुश्बू आश्रम कैथल के तमाम सेवादार भाई, सेवादार बहनें, तमाम मोहल्ला वासी, शहर के सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, सरसा दरबार से सेवादारों सहित प्रदेश के अन्य शहरों से भी साध-संगत उपस्थित रही। सभी ने नम आँखों से शरीरदानी सतबीर सिंह इन्सां को अपनी अंतिम विदाई दी।

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