किसान करेंगे एसएसपी समेत अनेक मांगों को लेकर आंदोलन

Published On

हिसार (संदीप सिंहमार)। हरियाणा प्रदेश भारतीय किसान यूनियन(भाकियू) ने राज्य सरकार से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसल खरीदने, मनरेगा योजना को किसानों के साथ जोड़ने, फसल बीमा का प्रीमियम सरकार द्वारा वहन करने समेत अनेक मांगों को लेकर 29 अक्तूबर को जींद में प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई है। भाकियू प्रदेश कार्यकारिणी की आज यहां हुई प्रदेश स्तरीय बैठक में ये फैसले लिये गये। बैठक में किसानों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को लेकर भी विचार विमर्श किया गया। इस दौरान एक कमेटी का गठन भी किया गया। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष जोगेंद्र ने बताया कि आने वाली 29 अक्टूबर को जींद में प्रदेश स्तरीय मीटिंग बुलाई जाएगी जिसमें अलग-अलग जिलों के यूनियन के पदाधिकारी हिस्सा लेंगे।

उन्होंने बताया उनकी मुख्य मांगे एमएसपी पर फसल खरीदने, मनरेगा योजना को किसानों के साथ जोड़ने, फसल बीमा का प्रीमियम सरकार द्वारा वहन करना है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना में काफी सुधार की आवश्यकता है। हमारी मांग है कि फसल बीमा योजना में जो बीमा शुल्क किसानों से लिया जाता है उसे सरकार अदा करे। संयुक्त किसान मोर्चा की मांग है कि जिन किसानों पर कर्ज है उन्हें इससे मुक्त किया जाए।

उन्होंने सरकार से मंडियों में धान का तुरंत उठान करने की भी मांग की और आरोप लगाया कि व्यापारी किसानों को लगातार लूट रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने धान का सरकारी रेट 2203 प्रति क्विंटल तय किया गया है वहीं व्यापारी 2000-2085 रुपए प्रति क्विंटल दे रहे हैं। एक अन्य किसान नेता ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यूरा से किसानों को किसी प्रकार का फायदा नहीं होता है सरकार को इस योजना को बंद करना चाहिए। हरियाणा को छोड़ कर देश में ऐसी कहीं योजना नहीं है। इस योजना के तहत गत वर्ष सैकड़ों किसानों ने गेहूं बेची लेकिन उन्हें पैसा आज तक नहीं मिला है। किसानों से जुड़ी समस्याओं को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा हर राज्य की राजधानी में धरने देगा। हरियाणा के किसान चंडीगढ़ में 27, 28 और 29 नवम्बर को घेराव करेंगे। इस सम्बंध में 29 अक्टूबर की बैठक में रणनीति बनाई जाएगी।

About The Author

Related Posts