पदमश्री की दौड़ में शामिल हुआ हरियाणा का बेटा अशोक भारद्वाज

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हरियाणा प्रदेश में पदमश्री पुरस्कार की दौड़ में 9वां व्यक्ति है भारद्वाज

खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्रालय भारत सरकार से राष्टÑीय युवा पुरस्कार अवॉर्डी है अशोक

सच कहूँ/इन्द्रवेश
भिवानी। समाज व राष्टÑ को समर्पित नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृत सेवा समिति के अध्यक्ष एवं भारत सरकार व महामहिम राष्ट्रपति से राष्ट्रिय युवा पुरस्कार अवॉर्डी अशोक भारद्वाज भारत के सर्वोच्च पदमश्री पुरस्कार की दौड़ में 9वें नंबर पर शामिल हुए हैं। गौरतलब है कि जिला महेंद्रगढ़ के छोटे से गांव झाड़ली ब्राह्मणों वाली में किसान परिवार से जन्मे और भिवानी कर्मभूमि से करीब 22 साल से सामाजिक और राष्ट्रिय चिंतन को लेकर देश भर में काम कर रहे 40 वर्षीय अशोक कुमार भारद्वाज बिना किसी की सिफारिश से इस दौड़ में राष्ट्रिय स्तर की सेवाओं के बल पर शामिल हुए हैं। समाज में कोई महामारी हो या बुराई, बाढ़ हो या भूकंप, सड़कों की मुरम्मत हो या फिर कोविड-19, उन्होंने हर कदम राष्टÑ व समाजहित में आगे बढ़ाए हैं।
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‘‘उनके लिए यह भी बड़ी बात है कि सर्वोच स्तर पर पुरस्कार देने वाली समिति ने उनके नाम को पद्मश्री पुरस्कार के लिए स्वीकार किया है। यह सारा श्रेय उन लोगों को जाता हैं जिन्होंने ने मेरे हर कदम व सेवा में आगे बढ़ने का साथ दिया है।
-अशोक कुमार भारद्वाज।

ये मिल चुके पुरस्कार

  • भारत सरकार द्वारा 2013-14 का राष्ट्रिय युवा पुरस्कार का खिताब मिला।
  • महामहिम राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रपति पुरस्कार 4 जुलाई 2012 को दिया गया।
  • 13 राज्यों से राष्टÑीय एकता पुरस्कार मिल चुके हैं।
  • जिला प्रशासन व सामाजिक संगठनों द्वारा 50 से अधिक पुरस्कार मिले हैं।
  • 2021 में हरियाणा के मुख्यमंत्री एवं 2022 में देश के प्रधानमंत्री ने कोविड-19 की सेवाओं को देखते हुए सम्मान पत्र दिया।

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