ड्रग्स के तंत्र को नष्ट करना अति आवश्यक: डॉ सुबोध दहिया

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खरखौदा (हेमंत कुमार)। प्रताप स्कूल खरखौदा में हरियाणा सरकार के आदेशानुसार विद्यार्थियों को ड्रग के विरूद्ध जागरूक करने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को ड्रग से संबंधित नारकोटिक एंड साइकोट्रोपिक सबसटांस एक्ट 1985 के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर मनोविज्ञान अध्यापिका शीतल ने बताया कि नशीले पदार्थों के सेवन करने, इसे बनाने, खरीद-बिक्री करने के खिलाफ देश में जो कानून है, उसे नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 कहते हैं। इसे शॉर्ट में NDPS एक्ट कहा जाता है।

इसके तहत 2 तरह के नशीले पदार्थ आते हैं- नारकोटिक और साइकोट्रोपिक। कुछ का उत्पादन मेडिकल जरूरतों या अन्य कार्यों के लिए जरूरी भी होता है, लेकिन उन पर कड़ी निगरानी रखनी होती है, नहीं तो लोगों में नशे की लत बढ़ सकती है। इसी नियंत्रण के लिए NDPS एक्ट बनाया गया है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कविता व भाषण के माध्यम से भी ड्रग संबंधित जानकारी साझा की। एकेडमिक डायरेक्टर डॉ सुबोध दहिया ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए बताया कि ड्रग संपूर्ण समाज के लिए हानिकारक है। दुनिया के देशों में नशा करने वालों की मृत्यु दर भी बढ़ती जा रही है।

प्रतिवर्ष लाखों लोग दुनिया में नशें के कारण अकाल मौत मर रहे हैं। ड्रग से शारीरक नुकसान के साथ-साथ मानसिक व आर्थिक नुकसान भी होता है। आज का युवा, बुजुर्ग एवं महिला भी ड्रग में लिप्त होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के तंत्र को नष्ट करना अति आवश्यक है। इस अवसर पर सभी स्टॉफ सदस्यों, विद्यार्थियों ने ड्रग न लेने की, अपने साथियों, परिवार व समाज को भी ड्रग फ्री करने का संकल्प लिया।

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