गत दिन गांव कालांवाली में दफनाए मिले शव के मामलें में हुआ नया खुलासा

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करीब चार दिन पूर्व लाए रसोईये का किन्नर न बनने के विरोध करने पर किया था मर्डर  (Kalanwali Murder case)

कालांवाली, रोहित। गत रविवार को गांव कालांवाली में एक बंद पड़े मकान में दफनाए हुए मिले शव में पोस्टमार्टम रिर्पोट आने के बाद नया खुलासा सामने आया है। गत दिन हुए मर्डर में जहां मृतक की विक्की पुत्र हंसराज निवासी गांधी नगर गली नंबर-5 रामपुरा फूल जिला बठिंडा के रूप में पहचान हो गई है। वहीं पुलिस के मुताबिक के विक्की का किन्नर बनाने के लिए दबाव का विरोध करने के चलते मर्डर किया गया है। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि मृतक विक्की को हीरा उर्फ दीपू निवासी गांव कालांवाली में लगभग तीन-चार पूर्व ही 10 हजार रूपये प्रति माह वेतन पर रसोईयां के तौर पर काम करने के लिए लेकर आया था। इसके बाद आरोपी मृतक विक्की पर किन्नर बनने का दबाव बनाने लगे तो विक्की इस बात का विरोध करने लगा। जिसके चलते उसका मर्डर कर आरोपी अपने घर में मिट्टी में दफनाकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस की ओर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार भुवनेश कुमार की देखरेख में शव को मिट्टी से निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए सिरसा भेजा गया। पोस्टमार्टम रिर्पोट में सामने आया है कि मृतक विक्की का गला दबाने के चलते मौत हुई है। इसके बाद आरोपियों की ओर से मृतक विक्की के माथे पर वार किए गए है। बताया जा रहा है कि मृतक विक्की शादीशुदा था और उसके एक बेटा है। वहीं जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर ओमप्रकाश ने बताया कि मृतक विक्की का शव पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। इसके अलावा पुलिस ने हीरा उर्फ दीपू और काला सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

पड़ोसियों की सूचना के बाद पुलिस ने की थी कार्रवाई

बता दें कि रविवार शाम को कालांवाली पुलिस को गांव कालांवाली में स्थित प्रजापत धर्मशाला के पास जिस मकान में विक्की का शव बरामद हुआ था उनके पड़ोसियों ने सूचना दी थी कि मकान में की गई खुदाई के चलते उन्हे कोई अनहोनी होने की संभावाना लग रहे है। उन्हे लग रहा है कि मकान में किसी का शव दबाया गया है और पड़ोसी दोपहर के बाद से घर का ताला लगाकर फरार है। जिस पर कालांवाली थाना प्रभारी सत्यवान ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर मिट्टी उखड़ी जगह पर रविवार देर रात तक खुदवाई करवाई और ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार भुवनेश कुमार की देखरेख में शव मिट्टी से बाहर निकाला। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक विक्की का जब पुलिस ने मिट्टी से शव निकाला था, उस समय विक्की के महिलाओं वाले कपड़े डाले हुए थे और उसका पता नहीं चल पा रहा था कि विक्की महिला है या पुरूष। लेकिन अब पोस्टमार्टम रिर्पोट के बाद पता चला है कि विक्की पुरूष ही था।

घटना वाले मकान में कौन-कौन रहते थे

ग्रामीणों के अनुसार घटना वाला मकान राजा सिंह का है जिसकी कुछ माह पूर्व मौत हो गई थी। राजा सिंह के काला सिंह, दीपू सिंह और गोरा सिंह तीन पुत्र है। जिसमें गोरा सिंह व काला सिंह शादीशुदा है, जोकि दिहाड़ी मजदूरी का कार्य करते है। जबकि दीपू सिंह अविवाहित है और वह महंतों यानि किन्नरों के साथ ढोल बजाने का कार्य करता है। गोरा सिंह गांव में ही अपने परिवार से अलग रहता है। जबकि काला सिंह व दीपू सिंह इसी मकान में अलग-अलग रहते है। लेकिन घटना के बाद पूरा परिवार फरार था और मकान के ताला लगा हुआ था।

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