शिक्षा और रोजगार
सशक्त पंचायतें ही विकसित गांवों की पहचान बनेंगी: डॉ. चौहान
जिला स्तरीय पंच सम्मेलन में पंचायतों की सक्रिय भागीदारी पर जोर
सोनीपत (सच कहूँ न्यूज़)। Sonipat News: गांवों के विकास में पंचायतों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। पंचायत प्रतिनिधि सरकार की योजनाओं को केवल लागू करने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें जनभागीदारी से जोड़कर गांव की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप विकास का माध्यम बनाएं। यह बात हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कही। वे डीआरडीए कार्यालय, सोनीपत में आयोजित जिला स्तरीय पंच सम्मेलन को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित कर रहे थे।
डॉ. चौहान ने कहा कि विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम-2025 ग्रामीण विकास को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को मजबूत करने के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, पारदर्शिता और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को बढ़ावा देना है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे ग्रामीणों को योजनाओं की सही जानकारी दें और विकास कार्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जब गांव मजबूत होंगे, तभी विकसित भारत की नींव और मजबूत होगी। जिला परिषद सोनीपत की चेयरपर्सन मोनिका दहिया ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि ग्रामीणों और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से विकास योजनाओं को गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है। पंचायत समिति खरखौदा के चेयरमैन सतेंद्र दहिया ने कहा कि गांवों के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका और जनसहयोग बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर बेहतर समन्वय के माध्यम से विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इस अवसर पर सोनीपत जिले के पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, ग्राम सचिव, जिला परिषद सदस्य, कार्यकारी अभियंता, अतिरिक्त खंड कार्यक्रम अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
